आईपीयू विधानसभा में भारत की दो टूक: कश्मीर हमारा अभिन्न अंग, पाकिस्तान को दखल का अधिकार नहीं
OM Darpan

नई दिल्ली। अंतर-संसदीय संघ की 153वीं विधानसभा में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने विभिन्न वैश्विक और कूटनीतिक विषयों पर देश का मजबूती से पक्ष रखा। इस दौरान राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने पाकिस्तान द्वारा कश्मीर पर की गई अनुचित टिप्पणियों का कड़ा विरोध करते हुए जवाब देने के अधिकार का प्रयोग किया।
विधानसभा में उपसभापति हरिवंश ने स्पष्ट रूप से कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि पाकिस्तान को भारत के आंतरिक मामलों पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।
लोकसभा सांसद और स्वास्थ्य समिति के सदस्य डॉ. संजय जायसवाल ने समिति के सत्रों में भाग लेने के साथ ही एक क्षेत्रीय दौरा भी किया। वहीं, सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने लोकतंत्र और मानवाधिकार समिति में 'सभी के लिए समावेशी सामाजिक विकास: दिव्यांगजनों के अधिकारों और सशक्तिकरण' विषय के मसौदा प्रस्ताव पर हुई बहस में हिस्सा लिया।
शांति और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी बैठक में सांसद कमलजीत सहरावत ने स्थायी शांति के लिए संसदीय कूटनीति और संवाद पर अपने विचार साझा किए। राज्यसभा सांसद डॉ. सस्मित पात्रा ने सैन्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में शांति बनाए रखने पर आयोजित पैनल चर्चा में भाग लिया। साथ ही, उन्होंने मानवाधिकार समिति के प्रस्ताव का मसौदा तैयार करने में भी अपना अहम योगदान दिया।
लोकसभा सांसद एन.के. प्रेमचंद्रन ने आतंकवाद के खिलाफ संसदीय प्रतिक्रिया को मजबूत करने के लिए आयोजित कार्यशाला में भाग लिया। इसके अतिरिक्त उन्होंने साझा समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण खनिजों पर संसदीय निगरानी विषय की कार्यशाला में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रवासी भारतीयों से किया संवाद
आयोजन की शाम भारतीय उच्चायोग ने प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम के समापन के बाद सभी सदस्यों ने वहां मौजूद भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ सार्थक संवाद किया।
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