मेधावी छात्रों को हर साल मिलेंगे 12 हजार रुपये- शिक्षा मंत्रालय ने भोपाल में की छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा
OM Darpan

भोपाल
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी छात्रों को 12वीं कक्षा तक पढ़ाई जारी रखने के लिए केंद्र सरकार हर साल 12-12 हजार रुपये की छात्रवृत्ति दे रही है। इस 'राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना' (एनएमएमएसएस) के जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बीते बुधवार को भोपाल में एक अहम समीक्षा कार्यशाला का आयोजन किया। विद्यालयी शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की आर्थिक सलाहकार ए. श्रीजा के नेतृत्व में हुई इस कार्यशाला में अधिकारियों को पात्र छात्रों के बीच शत-प्रतिशत छात्रवृत्ति बांटने और 'शून्य ड्रॉप-आउट' का लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए गए।
पोर्टल की बारीकियों और तकनीकी चुनौतियों पर हुआ मंथन
राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) के जरिए पूरी होने वाली इस प्रक्रिया में कई बार तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतें आती हैं। इसे देखते हुए कार्यशाला में नए छात्रों के पंजीकरण, आवेदन सत्यापन और पोर्टल के संचालन का लाइव डेमो दिया गया। संस्थान नोडल अधिकारियों (आईएनओ) और जिला नोडल अधिकारियों (डीएनओ) के स्तर पर आने वाली परेशानियों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस मौके पर राज्य नोडल अधिकारी, भोपाल के करीब 40 जिला नोडल अधिकारी, 5 संस्थान नोडल अधिकारी सहित योजना के लाभार्थी छात्र और उनके अभिभावक भी मौजूद रहे, जिन्होंने अपने अनुभव साझा किए।
31 अक्टूबर तक किए जा सकेंगे आवेदन
मंत्रालय ने शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए छात्रवृत्ति आवेदनों के समयबद्ध और सटीक सत्यापन पर खास जोर दिया है। छात्र 31 अक्टूबर 2026 तक योजना के लिए पंजीकरण करा सकते हैं। वहीं, आईएनओ स्तर पर आवेदनों के सत्यापन की अंतिम तिथि 15 नवंबर और डीएनओ स्तर पर 30 नवंबर 2026 तय की गई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि तय समय पर सत्यापन होने से ही छात्रों को बिना किसी देरी के सीधे उनके खाते में राशि मिल सकेगी।
आठवीं के बाद पढ़ाई छोड़ने से रोकना है मकसद
एनएमएमएसएस एक केंद्रीय योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन होनहार बच्चों को आठवीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ने से रोकना है। इसके तहत होने वाली चयन परीक्षा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा आयोजित की जाती है, जबकि प्रमाणीकरण और राशि का वितरण पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। कार्यशाला के जरिए केंद्र और राज्य के हितधारकों के बीच आपसी समन्वय को और मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
जरूरी खबरें
विज्ञापन