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डीकार्बोनाइजेशन का आधार बनेगा स्क्रैप, एमजंक्शन ने लॉन्च किया एआई-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म

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OM Darpan

Nov 18, 2025 07:35 am 237 views
डीकार्बोनाइजेशन का आधार बनेगा स्क्रैप, एमजंक्शन ने लॉन्च किया एआई-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म

मुंबई.

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भारत के इस्पात उद्योग में कार्बन उत्सर्जन (डीकार्बोनाइजेशन) को कम करने के प्रयासों में स्टील स्क्रैप मुख्य घटक बनता जा रहा है। मुंबई में एमजंक्शन द्वारा आयोजित 12वें इंडियन स्टील मार्केट्स कॉन्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि 'हरित इस्पात' (Green Steel) के उत्पादन के लिए स्क्रैप की भूमिका निर्णायक होगी।

गुणवत्ता खोए बिना रीसायकल संभव

सम्मेलन में एमजंक्शन के एमडी विनया वर्मा ने कहा, “इस्पात वह सामग्री है जिसे बार-बार रीसायकल किया जा सकता है, और इस प्रक्रिया में उसकी गुणवत्ता में कोई कमी नहीं आती है।” उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस्पात उद्योग के लिए सस्टेनेबिलिटी (संवहनीयता) अब भविष्य की जरूरत है।

42 मिलियन टन है मौजूदा खपत

भारत में स्क्रैप की वर्तमान खपत 42 मिलियन टन है और इसमें सालाना 6% की वृद्धि दर्ज की जा रही है। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सेल) के निदेशक सैयद जावेद अहमद ने उद्योग की दिशा स्पष्ट करते हुए कहा, “सस्टेनेबिलिटी अब कोई विकल्प नहीं, बल्कि एक अनिवार्य रणनीति है।”

आयात निर्भरता घटाने की पहल

वर्तमान में उद्योग स्क्रैप की कमी और आयात पर निर्भरता जैसी चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन चुनौतियों से निपटने और आपूर्ति श्रृंखला को सुगम बनाने के लिए एमजंक्शन ने एक एआई-आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया है।

कंपनी के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 120 स्थानों से 250 सप्लायर्स को जोड़ा गया है। इसके जरिए 15 राज्यों में अब तक 1.2 मिलियन टन स्क्रैप की आपूर्ति की जा चुकी है। इस कदम को हरित स्टील उत्पादन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

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