14 सितम्बर 2026 |
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780 जिलों में एक साथ बगावत का बिगुल! जानिए गौ-सम्मान के इस 5-चरणीय 'महा-प्लान' ने देश भर में क्यों मचाई है खलबली?

OM Darpan

Apr 27, 2026 07:09 am 288 views
780 जिलों में एक साथ बगावत का बिगुल! जानिए गौ-सम्मान के इस 5-चरणीय 'महा-प्लान' ने देश भर में क्यों मचाई है खलबली?

गौमाता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए देशभर के संतों और गौभक्तों ने सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। 'गौ सम्मान आह्वान अभियान' के तहत 5 चरणों वाले एक राष्ट्रव्यापी महा-आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है। पांच महीने के सघन जनसंपर्क के बाद आज, 27 अप्रैल 2026 को इस अभियान के पहले चरण का शंखनाद होने जा रहा है।

इस अभियान के तहत 28 राज्यों, 8 केंद्र शासित प्रदेशों, 780 जिलों और 5000 तहसीलों के गौभक्त एकजुट होकर सड़कों पर उतरेंगे।

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780 जिलों में एक साथ बगावत का बिगुल! जानिए गौ-सम्मान के इस 5-चरणीय 'महा-प्लान' ने देश भर में क्यों मचाई है खलबली?

प्रथम चरण (आज 27 अप्रैल): तहसीलों में सौंपा जाएगा ज्ञापन

आज सुबह 11 बजे प्रत्येक तहसील क्षेत्र के लगभग 1000 गौभक्त और संत अपने-अपने तहसील मुख्यालयों पर पहुंचेंगे। यहां तहसीलदार अथवा एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। प्रत्येक जिला व तहसील स्तर पर 3 गौभक्त और 3 संत इस अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं।

द्वितीय चरण (27 जुलाई 2026): जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन

ज्ञापन सौंपने के बाद तीन महीने तक सरकार के जवाब की प्रतीक्षा की जाएगी। यदि सरकार की ओर से कोई सकारात्मक परिणाम नहीं आता है, तो 27 जुलाई 2026 को देश के प्रत्येक जिले के 5000 गौभक्त व संत अपने-अपने जिला मुख्यालयों पर जाकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे।

तृतीय चरण (27 अक्टूबर 2026): राजधानी कूच

जिला स्तर पर प्रदर्शन के बाद भी यदि मांगें नहीं मानी गईं, तो 27 अक्टूबर 2026 को सभी जिलों और तहसीलों के संत व गौभक्त अपने-अपने राज्यों की राजधानी पहुंचेंगे। वहां मुख्यमंत्री और राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम प्रार्थना पत्र भेजा जाएगा।

चतुर्थ चरण (27 फरवरी 2027): दिल्ली में 5 महीने का डेरा

राजधानी कूच के बाद तीन महीने के संवाद और प्रतीक्षा का समय तय किया गया है। यदि लाल किले की प्राचीर से गौ सम्मान को लेकर कोई घोषणा नहीं होती है, तो 27 फरवरी 2027 को देशभर के संत और गौभक्त राष्ट्र की राजधानी दिल्ली कूच करेंगे। यह चरण 15 अगस्त 2027 तक चलेगा। इस दौरान एक समय में 30 जिलों के गौभक्त दिल्ली में बैठेंगे और 7 दिन बाद उनकी जगह दूसरे 30 जिलों के लोग आएंगे। इस तरह साढ़े पांच महीने तक लगातार 30,000 गौभक्तों की संख्या बनी रहेगी और प्रतिदिन प्रधानमंत्री कार्यालय को 3 लाख पत्र भेजे जाएंगे।

पंचम चरण (16 अगस्त 2027 से): आमरण अनशन की चेतावनी

यदि साढ़े पांच महीने के दिल्ली संकीर्तन के बाद भी केंद्र सरकार उचित कदम नहीं उठाती है, तो 16 अगस्त 2027 से संत और गौभक्त आमरण अनशन शुरू करेंगे। इसमें 5-5 गौभक्त व संत अनशन पर बैठेंगे। यदि किसी गौ सेवक के प्राण जाते हैं, तो उसकी जगह दूसरे संत अनशन पर बैठेंगे और यह क्रम गौमाता को सम्मान मिलने तक अनवरत जारी रहेगा।

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