लोड हो रहा है... | --:--:-- --
लोड हो रहा है... | --:--:-- --
Search
Close this search box.
Search
Close this search box.

नक्सल हिंसा के जख्मों पर सरकारी मरहम: छत्तीसगढ़ में 5 पीड़ित परिवारों को मिली सरकारी नौकरी, कलेक्टर ने सौंपे नियुक्ति पत्र

👇खबर सुनने के लिए प्ले बटन दबाएं

 

  • मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पुनर्वास नीति का धरातल पर असर

  • मोहला-मानपुर के युवाओं को मिला रोजगार

✍️ विशेष संवाददाता
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी | छत्तीसगढ़ में नक्सल हिंसा से प्रभावित परिवारों को समाज की मुख्यधारा में लाने के सरकारी प्रयासों का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लागू नक्सल पुनर्वास नीति के तहत मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के पांच नक्सल पीड़ित परिवारों के सदस्यों को सरकारी नौकरी दी गई है। बुधवार को जिला कार्यालय में आयोजित एक विशेष बैठक के दौरान कलेक्टर तनुजा सलाम ने इन नवनियुक्त कर्मचारियों को उनके नियुक्ति पत्र सौंपे और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

आदिवासी विकास विभाग के छात्रावासों में मिली तैनाती

इन सभी पांचों सदस्यों की नियुक्ति आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत संचालित आश्रमों और छात्रावासों में भृत्य के पद पर की गई है। सरकारी सेवा का अवसर पाने वालों में रवि दुग्गा, अजय कुमार सलामे, दिलसाय कोरेटी, समीला पूड़ो और पायल ईश्वर पूड़ो शामिल हैं। इन परिवारों के लिए यह नियुक्ति केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि जीवन में आर्थिक स्थिरता और नियमित रोजगार की नई किरण लेकर आई है, जिससे वे अपनी पारिवारिक आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा कर सकेंगे।

पुनर्वास नीति से सशक्त हो रहे प्रभावित परिवार

छत्तीसगढ़ की नक्सल पुनर्वास नीति का मुख्य लक्ष्य हिंसा से प्रभावित लोगों को सुरक्षा, स्थायित्व और विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इस दिशा में पात्र सदस्यों को शासकीय सेवा का अवसर देना उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की ओर एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकारी नौकरी मिलने से इन प्रभावित परिवारों में भविष्य को लेकर भरोसा बढ़ा है और यह पहल उन्हें आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान कर रही है।

कलेक्टर तनुजा सलाम ने नवनियुक्त कर्मचारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकारी सेवा समाज और शासन के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का एक महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कर्मचारियों से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि ये कर्मचारी कार्यस्थल पर समर्पण के साथ कार्य करेंगे और शासन की मंशा के अनुरूप नागरिकों को बेहतर सेवाएं देंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस माध्यम से ये युवा अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के साथ आने वाली पीढ़ी के लिए बेहतर भविष्य की नींव रखेंगे।

omdarpanprmot-01
previous arrow
next arrow