रायपुर।
केंद्रीय जेल, रायपुर में पदस्थ सहायक जेल अधीक्षक संदीप कुमार कश्यप को बड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ा है। उन्हें प्रथम दृष्टया लापरवाही और कर्तव्य के प्रति उदासीनता बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह आदेश जेल अधीक्षक, केंद्रीय जेल, रायपुर द्वारा जारी किया गया है, जिसके बाद प्रदेश के जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
लापरवाही बनी निलंबन की मुख्य वजह
निलंबन आदेश में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि संदीप कुमार कश्यप को जेल अधीक्षक, केंद्रीय जेल, रायपुर द्वारा आदेश क्रमांक 108/स्थापना/अ/2025 दिनांक 19.07.2025 के माध्यम से अपर अष्टकोण अधिकारी का कार्य सौंपा गया था। इस महत्वपूर्ण कार्य के निष्पादन में उन्होंने गंभीर लापरवाही और उदासीनता बरती। जेल प्रशासन ने इसे पेशेवर दायित्वों के निर्वहन में बड़ी चूक मानते हुए उन पर तत्काल कार्रवाई की है।
इस आदेश के बाद संदीप कुमार कश्यप को उनके पद से मुक्त कर दिया गया है। जेल प्रशासन हमेशा से ही अधिकारियों के कर्तव्यनिष्ठा को लेकर गंभीर रहा है, और यह कार्रवाई दर्शाती है कि काम में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निलंबन के दौरान हेडक्वार्टर और भत्ता
जेल प्रशासन ने निलंबन काल के लिए संदीप कुमार कश्यप के हेडक्वार्टर (मुख्यालय) का निर्धारण भी कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय, जेल एवं सुधारात्मक सेवाएं, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर रहेगा। इस दौरान उन्हें शासन के नियमानुसार निर्वाह भत्ता देय होगा। इसका अर्थ है कि उन्हें निलंबन अवधि के दौरान भी जीवनयापन के लिए आवश्यक आर्थिक सहायता मिलती रहेगी, लेकिन वे आधिकारिक रूप से जेल के कार्यों से दूर रहेंगे।









