
- असीम अरुण ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश
लखनऊ।
झांसी स्थित समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय के 12वीं के छात्र रोहन ने सोमवार तड़के विद्यालय की छत से कूदकर आत्महत्या कर ली। जानकारी के अनुसार, रोहन इंटरमीडिएट में अधिक अंक लाने के दबाव में था, जिससे वह मानसिक तनाव का शिकार हो गया।
समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने घटना का संज्ञान लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही, समाज कल्याण निदेशक कुमार प्रशांत ने घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी ली और मामले की गंभीरता को समझा।
निलंबन की कार्रवाई
पहली नजर में यह मामला छात्रावास स्टाफ की लापरवाही का प्रतीत होता है। घटना के बाद विद्यालय की छात्रावास की सहायिका अंजली पाल और छात्रावास अधीक्षक प्रियंका दीक्षित को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, प्रधानाचार्य अवध किशोर वर्मा को शासन ने निलंबित कर दिया है। उपनिदेशक, समाज कल्याण झांसी मंडल ने विस्तृत जांच का आदेश दिया है।
मंत्री असीम अरुण का बयान
मंत्री असीम अरुण ने घटना को अत्यंत दुःखद बताया और कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “यह घटना बहुत ही दुखद है, और इस तरह की लापरवाही को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
निदेशक कुमार प्रशांत का बयान
निदेशक समाज कल्याण कुमार प्रशांत ने बताया कि रोहन इस विद्यालय में कक्षा 1 से लेकर 10वीं तक एक होनहार छात्र था। 11वीं कक्षा में उसे पढ़ाई में दिक्कतें आने लगी थीं, और हाल ही में उसने प्रीबोर्ड परीक्षा में भी असफलता हासिल की थी। इसके अलावा, छह महीने पहले ही उसकी मां का निधन हो चुका था, जो मानसिक तनाव का एक और कारण बन सकता है।
स्कूल प्रशासन की लापरवाही
जांच में यह भी सामने आया कि शनिवार और रविवार को विद्यालय के प्रधानाचार्य और छात्रावास के कर्मचारी बिना सूचना के विद्यालय छोड़कर अपने घर चले गए थे। इस लापरवाही के कारण छात्रावास स्टाफ और प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
समाज कल्याण विभाग की ओर से जांच जारी
उपनिदेशक समाज कल्याण झांसी मंडल को विस्तृत जांच का आदेश दिया गया है, और वह जल्द ही अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। मामले की गहराई से जांच करने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।









