दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
ग्राम पंचायत झोला में कुर्मी क्षत्रिय समाज और ग्रामवासियों द्वारा हिंदू हृदय सम्राट धर्म रक्षक छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर दुर्ग ग्रामीण विधायक और राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ललित चंद्राकर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना कर शीतला चौक पर शिवाजी महाराज की प्रतिमा की स्थापना की और पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

“शिवाजी महाराज का जीवन राष्ट्रप्रेम और साहस का प्रतीक” – ललित चंद्राकर
सभा को संबोधित करते हुए विधायक ललित चंद्राकर ने कहा,
“छत्रपति शिवाजी महाराज केवल एक पराक्रमी योद्धा ही नहीं, बल्कि एक कुशल प्रशासक, दूरदर्शी शासक और उत्कृष्ट रणनीतिकार भी थे। उनकी नीतियों, अनुशासित सेना और संगठित प्रशासनिक व्यवस्था के कारण उन्होंने एक सशक्त और आत्मनिर्भर राज्य की नींव रखी।”
उन्होंने आगे कहा कि हिंद स्वराज की परिकल्पना करने वाले शिवाजी महाराज का शौर्य और राष्ट्रप्रेम आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करता है। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने साहस, संकल्प और सूझबूझ से अनगिनत विजय प्राप्त की। उनकी रणनीति, सुशासन और लोकहितकारी नीतियां सदियों तक प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।
शिवाजी महाराज के विचार आज भी प्रासंगिक
विधायक ने कहा, “छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन साहस, संकल्प और आत्मसम्मान का प्रतीक है। उनकी गाथा भारतीय युवाओं में राष्ट्रप्रेम और अदम्य उत्साह की भावना जागृत करती रहेगी। ऐसे राष्ट्रपुरुषों के कारण ही भारत की संस्कृति और धरोहर संरक्षित और सुरक्षित रही हैं। हमें उनके जीवन से राष्ट्र सेवा की प्रेरणा लेनी चाहिए।”
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य पद की प्रत्याशी आशा विक्की मिश्रा, सरपंच बसंती निषाद, पूर्व सरपंच गोपेंद्र बेलचंदन, पूर्व सरपंच धीरपाल देशलहरे, पंच भक्तराम यादव, पवन दिल्लीवार, अशोक देशमुख, यशवंत देशमुख, लिलेश्वरी निषाद, उषा निषाद, गायत्री निषाद, पुनीता साहू, ग्राम प्रधान रोहन देशमुख, विधायक प्रतिनिधि चंद्रप्रकाश बेलचंदन, अश्वनी अमृत, दुखीत देशमुख, जैन देशमुख, कौशल निषाद, मनीष बेलचंदन, गोविंदा बेलचंदन, भूपेंश देशमुख, गुलाब बेलचंदन सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
इस पावन अवसर पर सभी उपस्थित जनों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के समक्ष श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया और इस ऐतिहासिक दिन की शुभकामनाएं दीं।










