15 सितम्बर 2026 |
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ऐतिहासिक भोजशाला फैसला आने के बाद पवार क्षत्रिय संघ भिलाई दुर्ग ने 'एक दीपक मां वाग्देवी के नाम' उत्सव मनाया

OM Darpan

May 26, 2026 01:24 am 257 views
ऐतिहासिक भोजशाला फैसला आने के बाद पवार क्षत्रिय संघ भिलाई दुर्ग ने 'एक दीपक मां वाग्देवी के नाम' उत्सव मनाया
  भिलाई। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ द्वारा 15 मई 2026 को दिए गए ऐतिहासिक भोजशाला फैसला का पवार क्षत्रिय संघ भिलाई-दुर्ग ने भव्य स्वागत किया है। इस निर्णय की खुशी में 17 मई 2026 रविवार को भिलाई के नेहरू नगर स्थित राजा भोज मंगल भवन प्रांगण में “एक दीपक मां वाग्देवी के नाम” उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत मां गढ़कालिका, मां वाग्देवी और चक्रवर्ती सम्राट राजा भोज की प्रतिमा पर माल्यार्पण, तिलक और दीप प्रज्वलित कर की गई। पूरे भवन को दीपकों से जगमगाया गया। इस भोजशाला फैसला के जश्न में युवा कार्यकारिणी द्वारा आतिशबाजी की गई और पटाखे फोड़े गए। उपस्थित लोगों के बीच मिठाई और खिचड़ी बांटकर खुशियां मनाई गईं।
कार्यक्रम में पवार क्षत्रिय संघ के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। इनमें वरिष्ठ संरक्षक डॉ. वाय.आर. कटरे, राष्ट्रीय पवार क्षत्रिय महासभा भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष नंदलाल चौधरी, संरक्षक गोविंदलाल राहंगडाले, हरिकृष्ण बिसेन, प्रभाकर खौसी, संस्थापक सदस्य एवं समाजसेवी गुलाब सिंह चौहान मलाजखंड, पांढुरना से डोंगरे और भोपाल से राम प्रसाद पवार सहित तीनों कार्यकारिणी के सदस्य और बड़ी संख्या में सामाजिक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। मंच का संचालन महासचिव नीतिराज राहंगडाले ने किया। इस मौके पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नंदलाल चौधरी ने भोजशाला के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मुगलों द्वारा किस तरह से इस पवित्र स्थल पर अतिक्रमण किया गया था। समारोह में अन्य वरिष्ठजनों और इतिहासकारों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में संगठन के अध्यक्ष छोटेलाल पारधी ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए इस भव्य आयोजन के समापन की घोषणा की।   भोजशाला से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भों के लिए भोजशाला के बारे में पढ़ें।
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