25 सितम्बर 2026 |
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मुख्यमंत्री निवास में मनाया गया छत्तीसगढ़ का प्रथम लोक पर्व हरेली, लोक संस्कृति की दिखी जीवंत झांकी

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OM Darpan

Aug 13, 2026 02:22 am 1,241 views
मुख्यमंत्री निवास में मनाया गया छत्तीसगढ़ का प्रथम लोक पर्व हरेली, लोक संस्कृति की दिखी जीवंत झांकी
  • विष्णु देव साय ने कृषि यंत्रों की पूजा कर प्रदेश की खुशहाली के लिए की प्रार्थना, किसानों को सौंपे हितलाभ

✍️ विशेष संवाददाता नवा रायपुर | छत्तीसगढ़ की मिट्टी की सोंधी महक और ग्रामीण जीवन की जीवंत झांकी के बीच नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में प्रदेश का प्रथम लोक पर्व हरेली तिहार पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर विधि-विधान से भगवान शिव, गौमाता और कृषि औजारों की पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश में बेहतर वर्षा, भरपूर फसल और नागरिकों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस उत्सव में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मंत्रीगण और बड़ी संख्या में किसान व नागरिक सम्मिलित हुए।

पारंपरिक वेशभूषा और लोक संस्कृति का संगम

हरेली के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पूरी तरह छत्तीसगढ़ी रंग में रंगे नजर आए। वे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के साथ महिला ऑटो चालक संगीता यादव के पिंक ऑटो में बैठकर मुख्यमंत्री निवास परिसर स्थित कार्यक्रम स्थल पहुंचे। मुख्यमंत्री ने गौरी-गणेश एवं शिवलिंग का अभिषेक करने के साथ ही नांगर, रापा, कुदाल और फावड़ा जैसे कृषि यंत्रों की पूजा की। साय ने कहा कि यह पर्व हमारी धरती, पशुधन और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है।

पशुधन और प्रकृति संरक्षण का संकल्प

मुख्यमंत्री ने परिसर स्थित गौशाला में गौमाता की आरती उतारी और उन्हें पारंपरिक 'लोंदी' (चना-गुड़ और हरा चारा) खिलाया। उन्होंने बताया कि पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का अभिन्न हिस्सा हैं। पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने परिसर में पारिजात के पौधे रोपे। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य हेतु पौधों को वृक्ष बनने तक सहेजना आवश्यक है।

किसानों को आर्थिक लाभ और आधुनिक तकनीक का उपहार

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रायपुर के किसान इंद्र कुमार वर्मा को हार्वेस्टर पर सब्सिडी के रूप में 16 लाख रुपए का चेक प्रदान किया। उन्होंने 'ड्रोन दीदी' चंद्रकली वर्मा से संवाद कर कृषि में तकनीक के उपयोग की सराहना की। साय ने बताया कि राज्य सरकार किसानों से 3,100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है और सहकारी बैंकों के माध्यम से शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।   "हरेली छत्तीसगढ़ की कृषि परंपरा, संस्कृति और प्रकृति से जुड़ा महत्वपूर्ण लोक पर्व है। कृषि औजारों, गौमाता और प्रकृति की पूजा हमारी कृतज्ञता की संस्कृति को अभिव्यक्त करती है। किसान का घर खुशहाल और गांव मजबूत होगा, तभी छत्तीसगढ़ की समृद्धि का मार्ग और प्रशस्त होगा।"

- डॉ. रमन सिंह (विधानसभा अध्यक्ष)

"हरेली छत्तीसगढ़ की खेती-किसानी, हरियाली और प्रकृति के प्रति आस्था का महापर्व है। हमारी संस्कृति प्रकृति के संरक्षण, पशुधन के सम्मान और अन्नदाता के श्रम के प्रति आदर का संदेश देती है। किसान समृद्ध होगा तो प्रदेश और देश दोनों समृद्ध होंगे।"

- रामविचार नेताम (कृषि मंत्री)

पारंपरिक खेलों और व्यंजनों की दिखी धूम

मुख्यमंत्री निवास को नीम, आम के पत्तों और गेंदे के फूलों से सजाया गया था। यहां गेड़ी, बिल्लस, गोटी और बाटी जैसे पारंपरिक खेलों का आयोजन हुआ। लोक कलाकारों ने मांदर और ढोलक की थाप पर छत्तीसगढ़ी गीतों की प्रस्तुति दी। इस दौरान ठेठरी, खुरमी और बड़ा जैसे पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल भी लगाए गए थे, जहां मुख्यमंत्री ने नागरिकों से संवाद किया।  

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