सेवा संकल्प शिविर में दीपेश को 2 घंटे में मिला दिव्यांग प्रमाण पत्र
OM Darpan
डौंडीलोहारा के शिविर में मेडिकल बोर्ड ने जारी किया प्रमाण पत्र, पैरों का नाप लेकर कैलिपर की प्रक्रिया भी की पूरी की पूरी की
✍️ ब्यूरो
बालोद। राज्य शासन के सेवा संकल्प अभियान के तहत बालोद जिले में जरूरतमंदों को त्वरित राहत पहुंचाने की पहल तेज हो गई है। समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित दिव्यांगजन सहयोग कार्यक्रम के विशेष शिविर में डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम पंचायत खोलझर अंतर्गत लुरकाझर निवासी 9 वर्षीय बालक दीपेश कुमार को महज दो घंटे के भीतर दिव्यांगता प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। मेडिकल बोर्ड की टीम ने न केवल प्रमाण पत्र जारी किया, बल्कि बालक के पैरों का नाप लेकर कैलिपर निर्माण की प्रक्रिया भी मौके पर ही पूरी की।
घटनाक्रम के अनुसार, लुरकाझर निवासी दीपेश कुमार एक साल पहले खेलते समय अचानक गिर पड़ा था, जिससे उसके पैर में गंभीर चोट आई थी। लंबे उपचार के बाद भी बालक की स्थिति सामान्य नहीं हो सकी और वह चलने-फिरने के लिए सहारे का मोहताज होकर दिव्यांगता की श्रेणी में आ गया। परिजन पिछले एक साल से प्रमाण पत्र बनवाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन आवागमन की कठिनाइयों के चलते प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी।
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस विशेष शिविर में गांव से आने-जाने के लिए निःशुल्क बस की व्यवस्था की गई थी। शिविर में मेडिकल बोर्ड के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने दीपेश का प्राथमिकता के आधार पर स्वास्थ्य परीक्षण किया। चिकित्सकीय औपचारिकताएं तेजी से पूरी कर डॉक्टरों ने 2 घंटे में प्रमाण पत्र तैयार कर परिजनों को सौंपा। इसके साथ ही बालक के सुगम आवागमन के लिए कैलिपर बनाने हेतु नाप भी लिया गया।
एक ही दिन में प्रमाण पत्र और कैलिपर की स्वीकृति मिलने से दीपेश के परिजनों की बड़ी चिंता दूर हुई है। शासन की इस संवेदनशील पहल पर परिजनों ने संतोष व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया। परिजनों ने बताया कि शिविर के माध्यम से बच्चे की समस्या के निराकरण की नई उम्मीद जगी है।
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