19 सितम्बर 2026 |
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हिड़मा को आदर्श मानने वाले ही दिमागी नक्सली, मुख्यमंत्री साय बोले- हिंसा का महिमामंडन करने वालों को समाज न करे स्वीकार

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OM Darpan

Sep 01, 2026 08:21 am 781 views
हिड़मा को आदर्श मानने वाले ही दिमागी नक्सली, मुख्यमंत्री साय बोले- हिंसा का महिमामंडन करने वालों को समाज न करे स्वीकार
  रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद के समर्थन में बात करने वाले और कुख्यात नक्सली हिड़मा को आदर्श मानने वाले ही दिमागी नक्सली हैं। एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार में उन्होंने स्पष्ट किया कि हिड़मा ने सैकड़ों निर्दोषों की हत्या की है और उसे नायक के रूप में प्रस्तुत करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। साय के अनुसार छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद के लंबे और पीड़ादायक दौर से बाहर निकलकर शांति, विश्वास और विकास की नई राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। सुरक्षाबलों के अदम्य साहस, केंद्र और राज्य सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति तथा बस्तर के लोगों के सहयोग से नक्सलवाद अब समाप्ति की ओर है। उन्होंने कहा कि अब आवश्यकता इस बात की है कि हिंसा और नक्सलवाद को वैचारिक समर्थन देने तथा उसका महिमामंडन करने वाली मानसिकता को समाज स्पष्ट रूप से अस्वीकार करे। बंदूक उठाकर निर्दोष लोगों की जान लेने वाला व्यक्ति किसी भी सभ्य समाज का आदर्श नहीं हो सकता।

बस्तर की पीढ़ियों को दिया भय और पिछड़ापन

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिड़मा जैसे नक्सलियों ने हिंसा और आतंक के माध्यम से बस्तर की अनेक पीढ़ियों को भय, अभाव और पिछड़ेपन में रखने का काम किया। ऐसे लोगों के समर्थन में नारे लगाना बस्तर के पीड़ित परिवारों और शहीद जवानों के बलिदान का अपमान है। नक्सली हिंसा में बस्तर ने अपने हजारों निर्दोष नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और बहादुर जवानों को खोया है। अनेक परिवारों ने अपनों को खोने का दर्द सहा और विकास की संभावनाओं को दशकों तक बाधित किया गया। इस पीड़ा को नजरअंदाज कर हिंसा के जिम्मेदार लोगों का गुणगान करना अनुचित है।

अब स्कूलों की घंटी और सड़कों का जाल

साय ने बताया कि आज बस्तर की पहचान बदल रही है। जिस क्षेत्र को कभी नक्सली हिंसा और बारूदी सुरंगों के कारण जाना जाता था, वहां अब स्कूलों की घंटियां सुनाई दे रही हैं। सड़कें बन रही हैं, स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंच रही हैं और युवा विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। बस्तर के युवा अब बंदूक नहीं, किताब, कलम, कौशल और रोजगार चाहते हैं। वे अपने सपनों को साकार कर देश-प्रदेश की प्रगति में भागीदार बनना चाहते हैं। सरकार का संकल्प है कि बस्तर के प्रत्येक युवा को आगे बढ़ने का अवसर मिले और प्रत्येक परिवार तक सुशासन का लाभ पहुंचे।

शांति को स्थायी बनाना सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में शांति की स्थापना केवल सरकार या सुरक्षाबलों की उपलब्धि नहीं, बल्कि वहां के नागरिकों के साहस की जीत है। अब इस शांति को स्थायी बनाते हुए बस्तर को विकास, पर्यटन, शिक्षा और समृद्धि की नई पहचान देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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