19 सितम्बर 2026 |
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400 करोड़ से 16 हजार करोड़ पहुंचा खनिज राजस्व, सीएम साय ने लॉन्च किए दो पोर्टल

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OM Darpan

Sep 01, 2026 05:07 am 1,012 views
400 करोड़ से 16 हजार करोड़ पहुंचा खनिज राजस्व, सीएम साय ने लॉन्च किए दो पोर्टल
 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में सिर्फ खनिज निकालना लक्ष्य नहीं है, बल्कि अन्वेषण से लेकर रिसाइक्लिंग तक पूरी मिनरल वैल्यू चेन विकसित की जाएगी। नवा रायपुर में आयोजित क्रिटिकल एवं स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स की नीलामी के रोड शो में उन्होंने निवेशकों को आमंत्रित किया। साय ने कार्यक्रम में 'ई-रेत संगवारी' और 'टिन पोर्टल' का शुभारंभ किया। इस दौरान छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम (सीएमडीसी) ने इंडियन ओवरसीज बैंक और पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए। केंद्र सरकार की आठवीं किश्त की नीलामी में देश के 20 खनिज ब्लॉक्स शामिल हैं, जिनमें से 5 छत्तीसगढ़ के हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि कटघोरा और बस्तर में लिथियम, बलरामपुर में ग्रेफाइट, वैनेडियम एवं गैलियम, बालोद में फास्फोराइट तथा महासमुंद में निकेल और क्रोमियम की संभावनाएं मौजूद हैं। राज्य सरकार अब खनिज उत्खनन के साथ-साथ उनके प्रसंस्करण और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दे रही है।

400 करोड़ से 16 हजार करोड़ पहुंचा राजस्व

राज्य निर्माण के समय छत्तीसगढ़ का खनिज राजस्व लगभग 400 करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 16 हजार करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में 40 एक्सप्लोरेशन प्रोजेक्ट शुरू किए गए और 2,800 किलोमीटर से अधिक का जियोलॉजिकल सर्वे पूरा किया गया है। अब तक 65 खनिज ब्लॉक्स की नीलामी की गई है, जिनसे 4 लाख करोड़ रुपए के संभावित राजस्व की उम्मीद है।

निवेशकों के लिए वन क्लिक सिंगल विंडो 2.0

नई औद्योगिक नीति के तहत निवेशकों को स्टांप शुल्क, विद्युत शुल्क में छूट और ब्याज अनुदान दिया जा रहा है। मुख्य सचिव विकास शील ने बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत 43 सेवाओं को रिस्क रेटेड अप्रोच में अधिसूचित किया गया है। वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 से अनुमतियों की प्रक्रिया सुगम बनाई गई है।

आदिवासियों को टिन का मिलेगा सही दाम

दंतेवाड़ा क्षेत्र के आदिवासी समुदायों को टिन का उचित मूल्य दिलाने के लिए टिन पोर्टल शुरू किया गया है। वहीं ई-रेत संगवारी पोर्टल के माध्यम से प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राहियों को रियायती दर पर रेत उपलब्ध कराई जाएगी। सीएमडीसी और रविशंकर विश्वविद्यालय के बीच हुए समझौते से कोरन्डम कटिंग एवं पॉलिशिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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