19 सितम्बर 2026 |
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मुख्यमंत्री ने 2026 को 'महतारी गौरव वर्ष' किया घोषित, विभिन्न क्षेत्रों की उत्कृष्ट महिलाओं किया सम्मान

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OM Darpan

Aug 31, 2026 05:09 am 1,132 views
मुख्यमंत्री ने 2026 को 'महतारी गौरव वर्ष' किया घोषित, विभिन्न क्षेत्रों की उत्कृष्ट महिलाओं किया सम्मान
  ✍️ विशेष संवाददाता रायपुर | छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय परिसर के अटल बिहारी वाजपेयी सभागृह में आयोजित 'नारी शक्ति सम्मान समारोह' में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश की महिलाओं को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार वर्ष 2026 को 'महतारी गौरव वर्ष' के रूप में मनाएगी। समारोह को संबोधित करते हुए साय ने स्पष्ट किया कि जब नारी शक्ति आगे बढ़ती है, तो उसके साथ परिवार, समाज और पूरा देश प्रगति करता है। उन्होंने चिकित्सा, शिक्षा, खेल, साइबर सुरक्षा, पत्रकारिता, कला, कृषि और उद्यमिता जैसे विविध क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली महिलाओं को सम्मानित किया और इस अवसर पर एक विशेष ब्रोशर का विमोचन भी किया।

सम्मानित महिलाएं बेटियों के लिए बनेंगी प्रेरणा

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सम्मानित होने वाली महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि उन हजारों बेटियों के लिए प्रेरणा है जो अपने सपनों को पूरा करना चाहती हैं। उन्होंने भारतीय संस्कृति का उदाहरण देते हुए कहा कि हमारे शास्त्रों में नारी को शक्ति और सृजन का आधार माना गया है। साय ने लक्ष्मी-नारायण और सिया-राम जैसे संबोधनों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य सरकार इसी सांस्कृतिक चेतना को नीतियों के माध्यम से धरातल पर उतार रही है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि ये सशक्त महिलाएं राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभाएंगी।

महिला आयोग को न्याय और जागरूकता का मंत्र

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू को नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि डॉ. ममता साहू का कानूनी अनुभव और सामाजिक समझ महिलाओं को न्याय दिलाने में सहायक होगी। मुख्यमंत्री ने आयोग को निर्देश दिया कि इसकी भूमिका केवल शिकायतों के निपटारे तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि आयोग को गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंचकर महिलाओं को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूक करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित महिलाओं को यह भरोसा होना चाहिए कि शासन उनकी सहायता के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ा है।

मोदी सरकार के नेतृत्व में नारी शक्ति को मिली नई पहचान

समारोह में विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' जैसे अभियानों से सामाजिक सोच बदली है। उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के सर्वोच्च पद पर आसीन होने को देश की नारी शक्ति के लिए गौरव का विषय बताया। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि अब तक 68 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में 31 किस्तें भेजी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि 13.85 लाख से अधिक 'लखपति दीदियां' प्रदेश में आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रही हैं।

महिला सशक्तिकरण के लिए ढांचागत विकास

राज्य सरकार ने बेटियों की शिक्षा और महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 481 'महतारी सदनों' का निर्माण किया जा रहा है और स्कूलों में 6,671 बालिका शौचालयों की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, सरस्वती साइकिल योजना और रेडी-टू-ईट कार्यक्रम के माध्यम से भी महिलाओं को जोड़ा जा रहा है। सरकार महिलाओं के नाम पर संपत्ति पंजीयन को भी प्रोत्साहित कर रही है ताकि उनका आर्थिक आधार मजबूत हो सके।   कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने महिला आयोग को न्याय का माध्यम बताया, वहीं उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने डॉ. ममता साहू के पिता कृपाराम साहू की उपस्थिति का जिक्र करते हुए इसे एक सुखद अवसर बताया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के 25 वर्ष पूर्ण होने पर 'रजत उत्सव दिवस' की बधाई दी। इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक मोतीलाल साहू, रायपुर महापौर मीनल चौबे, अंबिकापुर महापौर मंजूषा भगत सहित विभिन्न निगम-मंडलों के अध्यक्ष और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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