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दंतेवाड़ा में नक्सली IED धमाका: वाहन चालक तुलेश्वर राना की दर्दनाक मौत, गांव में मातम

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OM Darpan

Jan 08, 2025 11:19 pm 646 views
दंतेवाड़ा में नक्सली IED धमाका: वाहन चालक तुलेश्वर राना की दर्दनाक मौत, गांव में मातम

दंतेवाड़ा (कौशल संदुजा)। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले के कुटरू थाना क्षेत्र के अंतर्गत बेदरे मार्ग पर ग्राम अम्बेली में सोमवार को नक्सलियों ने आईईडी धमाका कर दिया। इस धमाके में आठ डीआरजी जवानों के साथ वाहन चालक तुलेश्वर राना (25) निवासी बड़े आरापुर, जिला बस्तर की भी मौत हो गई। तुलेश्वर की मौत की खबर सुनते ही गांव में मातम छा गया। परिजनों को घटना की जानकारी देर शाम मिली, जब बीजापुर पुलिस ने फोन कर इस घटना की सूचना दी। तुलेश्वर के पिता कमल साय राना को इस बात की जानकारी तक नहीं थी कि उनका बेटा पुलिस विभाग में वाहन चालक का काम कर रहा था। बेटे की मौत की खबर सुनकर वह सदमे में हैं। उन्होंने कहा, "मुझे यकीन नहीं हो रहा कि मेरा सबसे छोटा बेटा अब इस दुनिया में नहीं है।"

नक्सली हमले में जान गंवाने वाला तुलेश्वर कुछ समय पहले तक एनएमडीसी में करता था काम

प्राप्त जानकारी के अनुसार, तुलेश्वर राना, बस्तर जिले के कोड़ेनार थाना क्षेत्र के अंतर्गत बड़े आरापुर गांव का निवासी था। वह कुछ समय पहले तक नगरनार स्थित एनएमडीसी में वाहन चालक का काम करता था। हालांकि, कुछ महीने पहले ही उसने यह नौकरी छोड़कर पुलिस लाइन में वाहन चलाने का काम शुरू किया था। पुलिस लाइन में तुलेश्वर वीआईपी दौरे और जवानों को लाने-ले जाने का काम करता था। अपने दोस्तों के साथ वह जगदलपुर में एक किराए के मकान में रह रहा था।

मां से आखिरी बार की थी बातचीत, दोपहर में हुआ हादसा

तुलेश्वर अपने परिवार से मिलने के लिए 22 दिसंबर को अपने गांव गया था। घर से लौटने के बाद उसने अपनी मां से सोमवार सुबह फोन पर बात की थी। बातचीत के बाद उसने अपने सोशल मीडिया स्टेटस पर अपनी एक तस्वीर भी पोस्ट की। किसे पता था कि उसी दिन दोपहर में नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी की चपेट में आने से उसकी जान चली जाएगी। धमाके के बाद तुलेश्वर का क्षत-विक्षत शव घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर मिला।

परिवार में मातम का माहौल, पिता सदमे में

चार भाई-बहनों में तुलेश्वर सबसे छोटा था। उसके अलावा परिवार के सभी भाई-बहनों की शादी हो चुकी है। घर का लाडला बेटा तुलेश्वर अपनी मेहनत से परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने की कोशिश कर रहा था। परिजनों के लिए यह यकीन करना मुश्किल हो रहा है कि उनका बेटा अब कभी लौटकर नहीं आएगा। गांव में मातम पसरा हुआ है। तुलेश्वर की मां और पिता सदमे में हैं।

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