पाकिस्तान को खत्म करने की बात कहने वाले ताज मोहम्मद की बेटी कर्नल सोफिया ने ऑपरेशन सिंदूर में दिखाई भारतीय सेना की ताकत
OM Darpan
नई दिल्ली।
हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले का भारत ने करारा जवाब दिया है। भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक कर 'ऑपरेशन सिंदूर' नामक कार्रवाई को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन के बाद भारतीय सेना की ओर से कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने प्रेस ब्रीफिंग कर देश को जानकारी दी।
महिला अधिकारियों की दमदार ब्रीफिंग से देशवासियों का सीना चौड़ा
कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह की प्रेस ब्रीफिंग के बाद सोशल मीडिया पर इन दोनों अधिकारियों की जमकर सराहना हो रही है। सेना की ताकत और पराक्रम को दुनिया के सामने रखने वाली इन दोनों महिला अधिकारियों ने देश का मान बढ़ाया।
वडोदरा से बोले ताज मोहम्मद: मौका मिले तो पाकिस्तान को खत्म कर दूंगा
गुजरात के वडोदरा से ताल्लुक रखने वाले कर्नल सोफिया के पिता ताज मोहम्मद ने अपनी बेटी पर गर्व जताते हुए कहा, "उसने देश के लिए कुछ किया, इस पर मुझे बहुत गर्व है।" उन्होंने बताया कि वह खुद बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के दौरान युद्ध में शामिल रहे हैं। देश के प्रति अपने जज्बे को व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, "मौका मिले तो पाकिस्तान को खत्म कर दूंगा, वह देश दुनिया में रहने लायक नहीं है।"
परिवार की परंपरा है सेना में सेवा
ताज मोहम्मद ने बताया कि उनके पिता और दादा भी भारतीय सेना में सेवा दे चुके हैं और अब यह उनके परिवार की परंपरा बन चुकी है। उन्होंने कहा, "हम सबसे पहले भारतीय हैं, फिर कुछ और। हमारा सिद्धांत है - वयम् राष्ट्रे जाग्रयाम।"
प्रोफेसर से बनीं भारतीय सेना की अधिकारी
कर्नल सोफिया कुरैशी कभी प्रोफेसर बनने का सपना देखती थीं। उन्होंने वडोदरा की एमएस यूनिवर्सिटी से बायोकैमिस्ट्री में बीएससी और एमएससी किया और असिस्टेंट लेक्चरर के रूप में पढ़ाना भी शुरू किया। उसी दौरान वह पीएचडी कर रही थीं। लेकिन देशभक्ति की भावना ने उन्हें सेना की वर्दी पहनने के लिए प्रेरित किया। शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) के जरिए सेना में चयन के बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ देशसेवा का रास्ता चुना।
सेना की परंपरा को आगे बढ़ा रही हैं अगली पीढ़ी
कर्नल सोफिया के भाई संजय कुरैशी ने बताया कि उनकी बेटी जारा अब अपनी बुआ की तरह भारतीय सेना में शामिल होने का सपना देख रही है। जारा अभी से कहती है कि उसे आर्मी ज्वाइन करनी है।
गुजरात सरकार के अनुसार, कर्नल सोफिया कुरैशी ने 1997 में मास्टर्स की पढ़ाई पूरी की और सेना के सिग्नल कोर में शामिल हुईं। 2006 में वह संयुक्त राष्ट्र के पीसकीपिंग मिशन के तहत कांगो में तैनात रहीं। 2016 में उन्होंने इतिहास रचते हुए ‘फोर्स 18’ नामक बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में भारतीय सैन्य दल की कमान संभाली। वह ऐसा करने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं।
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