डीजे बजाने पर परिवार का तीन साल से हुक्का-पानी बंद, सामाजिक बहिष्कार का फरमान
OM Darpan
Sep 30, 2025 11:10 pm
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30 Sep 2025
कवर्धा।
एक ओर जहां भारत डिजिटल इंडिया की ओर कदम बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर गांवों में सदियों पुरानी कुप्रथाएं आज भी अपनी जड़ें जमाए हुए हैं। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला कवर्धा जिले के कुंडा थाना क्षेत्र के अखरा गांव से सामने आया है, जहां राजेंद्र प्रसाद चंद्रवंशी और उनका परिवार बीते तीन सालों से सामाजिक बहिष्कार की पीड़ा झेल रहा है।
डीजे बना बहिष्कार की वजह
जानकारी के अनुसार, समाज के तथाकथित ठेकेदारों ने राजेंद्र चंद्रवंशी के परिवार को समाज से बाहर कर दिया है। इस सामाजिक बहिष्कार की वजह बेहद हैरान करने वाली है। दरअसल, राजेंद्र चंद्रवंशी अपने भतीजे की शादी में शामिल हुए थे। शादी में डीजे बज रहा था, जबकि समाज में डीजे पर प्रतिबंध है। इसी बात को लेकर समाज के नेताओं ने पूरे परिवार को बहिष्कृत कर दिया। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे अपने भतीजे से पिछले 20 सालों से अलग रहते हैं, इसके बावजूद उन्हें सजा दी जा रही है। इसे भी पढ़े:- सीबीआई ने बिरनपुर कांड की जांच पूरी कर कोर्ट में पेश की चार्जशीटहुक्का-पानी बंद, जुर्माने का फरमान
बहिष्कार के बाद से राजेंद्र चंद्रवंशी और उनके परिवार पर कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं। गांव में उनका हुक्का-पानी तक बंद कर दिया गया है। इतना ही नहीं, एक फरमान भी जारी किया गया है कि अगर कोई भी व्यक्ति इस परिवार को किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण देगा, तो उस पर 51 हजार और 21 हजार रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया जाएगा। इसे भी पढ़े:- सीबीआई ने बिरनपुर कांड की जांच पूरी कर कोर्ट में पेश की चार्जशीटतीन साल से झेल रहे अमानवीय व्यवहार
परिवार का आरोप है कि गांव के दुकानदार उन्हें राशन और अन्य जरूरत का सामान तक नहीं देते। उन्हें सार्वजनिक हैंडपंप से पानी भरने की भी अनुमति नहीं है और गांव वाले उनसे बातचीत भी पूरी तरह से बंद कर चुके हैं। इस अमानवीय व्यवहार के चलते राजेंद्र चंद्रवंशी का पूरा परिवार पिछले तीन वर्षों से अपमान और तिरस्कार का जीवन जीने को मजबूर है। यह मामला दिखाता है कि कैसे आधुनिकता की दौड़ में भी कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक कुप्रथाएं लोगों के जीवन को दूभर बना रही हैं।
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