16 सितम्बर 2026 |
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खुदाई के सोने के नाम पर पीतल खपाने वाले अंतर्राज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश

OM Darpan

Jul 29, 2026 11:14 pm 702 views
खुदाई के सोने के नाम पर पीतल खपाने वाले अंतर्राज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश
 
  • मुंबई से दबोचे गए ठगी के मास्टरमाइंड शंभू राय समेत दो महिलाएं

रायपुर। राजधानी रायपुर में खुदाई के दौरान मिले सोने के आभूषण बताकर नकली जेवर बेचने वाले एक बड़े अंतर्राज्यीय ठग गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (ACCU) और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शंभू राय सहित दो महिला आरोपियों गीता गुजराती और शांति गुजराती को मुंबई से गिरफ्तार किया। पुलिस ने इनके पास से 9 लाख रुपये नकद, 12 चांदी के सिक्के, पीतल के आभूषण और 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

तीन थानों में दर्ज हुई थी शिकायत

ठगी का पहला मामला न्यू राजेंद्र नगर थाने में प्रार्थी महेश कानस्कर ने दर्ज कराया था। आरोपियों ने खुद को दिहाड़ी मजदूर बताकर उसे 2.50 लाख रुपये में नकली हार थमा दिया। दूसरा मामला तेलीबांधा थाने में प्रार्थी यश मोटवानी का है, जिनसे गोपाल प्रजापति बनकर आरोपियों ने 10 लाख रुपये की ठगी की। वहीं डी.डी. नगर थाने में प्रार्थी धवल बडोदरिया ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके मित्र नमन अग्रवाल के माध्यम से राजेश प्रजापति नाम के व्यक्ति (आरोपी) ने उससे परिचय किया और 2 किलो वजनी हार दिखाकर 10 लाख रुपये ठग लिए।

सैंपल असली और पूरा हार निकलता था नकली

आरोपियों की कार्यप्रणाली बेहद शातिर थी। गिरोह पहले सक्षम व्यक्तियों की तलाश करता था और फिर खुद को मजदूर बताकर खुदाई में सोना मिलने की झूठी कहानी सुनाता था। विश्वास जीतने के लिए ये हार का एक छोटा टुकड़ा जांच के लिए देते थे जो असली सोना होता था। जैसे ही पीड़ित ज्वेलर्स से जांच कराकर आश्वस्त होता, ये मजबूरी का हवाला देकर उसे कम कीमत में पूरा पीतल का हार थमाकर फरार हो जाते थे। पकड़े गए मास्टरमाइंड शंभू राय ने कबूल किया है कि वह गीता और शांति गुजराती को अपनी मां या रिश्तेदार बताकर पीड़ितों का भरोसा जीतता था।

मुंबई में पुलिस ने बिछाया जाल

पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण और मोबाइल टावर लोकेशन के आधार पर आरोपियों का मुंबई में होना पाया। घेराबंदी कर पकड़े गए आरोपियों के पास से चार फर्जी आधार कार्ड भी मिले हैं। पूछताछ में गिरोह ने उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में करोड़ों की ठगी करना स्वीकार किया है। रायपुर पुलिस अब अन्य राज्यों की पुलिस से संपर्क कर इनके पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है। मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की भी तलाश जारी है।

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