23 सितम्बर 2026 |
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पीएम जनमन योजना बनी संजीवनी: कच्ची छत से टपकता था पानी, रातभर सताता था डर... अब पक्के घर में चैन की नींद सो रहा सुकबरिया का परिवार;

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OM Darpan

Mar 24, 2026 09:09 am 1,350 views
पीएम जनमन योजना बनी संजीवनी: कच्ची छत से टपकता था पानी, रातभर सताता था डर... अब पक्के घर में चैन की नींद सो रहा सुकबरिया का परिवार;

कोरिया (ओमदर्पण न्यूज़)। छत्तीसगढ़ राज्य के दूरस्थ अंचलों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों के लिए 'प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना' किसी संजीवनी से कम साबित नहीं हो रही है। कोरिया जिला मुख्यालय बैकुण्ठपुर के बचरा-पोड़ी क्षेत्र की ग्राम पंचायत गढ़तर में रहने वाली सुकबरिया के जीवन में इस योजना ने एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव लाया है। कच्चे और जर्जर मकान में डर-डरकर जीवन बिताने वाला यह परिवार अब पक्के घर की सुरक्षित छत के नीचे सुकून की नींद ले रहा है।

 दीवार गिरने का रहता था डर

सुकबरिया अपने पति सुखलाल और तीन बच्चों के साथ एक साधारण किसान परिवार से ताल्लुक रखती हैं। परिवार की आय का मुख्य जरिया दूसरों के खेतों में मजदूरी करना और सीमित कृषि था। मौसम पर आधारित आय और मनरेगा के सीमित कार्यों के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए एक असंभव सपने जैसा था। करीब 40 डिसमिल जमीन पर बने कच्चे घर में यह परिवार वर्षों तक रहा। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकना, दीवारों का कमजोर होना और घर में पानी भर जाना जैसी समस्याएं हर साल उनकी चिंता बढ़ा देती थीं। ऐसे मुश्किल हालात में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना उनके लिए उम्मीद की एक नई किरण बनकर सामने आई।

योजना से मिले 2 लाख

इस योजना के तहत सुकबरिया के परिवार को आवास निर्माण के लिए 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिली। इसके साथ ही, मनरेगा के अंतर्गत 90 दिनों की मजदूरी का लाभ लेकर परिवार ने स्वयं श्रमदान किया और अपना पक्का घर तैयार कर लिया।

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अब यह परिवार एक सुरक्षित, सम्मानजनक और बेहतर जीवन जी रहा है। सुकबरिया भावुक होकर बताती हैं कि अब दिनभर की कड़ी मेहनत के बाद रात को चैन से सो पाना संभव हो सका है। उनका कहना है कि पक्का मकान कभी उनके लिए सिर्फ एक सपना था, जो अब इस योजना की बदौलत हकीकत में बदल चुका है।

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