मालवीय नगर अग्निकांड: सिस्टम की नाकामी या हत्या! बिना NOC चल रहे गेस्ट हाउस में 21 की गई जान
OM Darpan
Jun 03, 2026 10:00 pm
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03 Jun 2026
दिल्ली (OM Darpan News):
राजधानी दिल्ली में बुधवार सुबह एक बड़ा और दर्दनाक हादसा सामने आया। मालवीय नगर अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। हौजरानी स्थित लेमन ग्रास रेस्टोरेंट और उसके ऊपर बने 'फ्लोरिश स्टे ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट' गेस्ट हाउस में सुबह करीब 8:00 बजे भीषण आग लग गई। इस खौफनाक हादसे में 21 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जिनमें कई विदेशी नागरिक भी शामिल हैं। वहीं, लगभग 26 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। सबसे ज्यादा रुला देने वाली खबर गुरुग्राम के एक परिवार की है, जिसके 8 सदस्य इस हादसे का शिकार हो गए।
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एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत, मौसा अब भी लापता
इस हृदयविदारक घटना में गुरुग्राम निवासी विवेक अग्रवाल का पूरा परिवार खत्म हो गया। विवेक के ससुर प्रेम बंसल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, परिवार के लोग बीमार पिता से मिलने आए थे। इस हादसे में जान गंवाने वालों के नाम इस प्रकार हैं: विवेक अग्रवाल तर्जनी अग्रवाल (पत्नी) प्रेमलता अग्रवाल (विवेक की मां) एंजल अग्रवाल (बड़ी बेटी) पर्ल (छोटी बेटी) अशोक गोयल (मामा - किशनगंज से आए थे) कमला (मौसी - अजमेर से आए थे) झुमरी लाल (मौसा - अजमेर से आए थे) - फिलहाल लापता (मिसिंग) बताए जा रहे हैं।शीशे से पैक थी इमारत, बनी मौत की चिमनी
मालवीय नगर अग्निकांड में इतनी बड़ी जनहानि का मुख्य कारण इमारत का निर्माण और घोर लापरवाही रही। दिल्ली दक्षिण जिला के मुख्य अग्निशमन अधिकारी अभिलाष कुमार मलिक ने बताया कि पूरी इमारत शीशे से पैक और सीलबंद थी। वेंटिलेशन या धुएं के निकास के लिए एक भी खिड़की खुली नहीं थी। आग लगने पर यह संरचना चिमनी की तरह काम करने लगी, जिससे घना धुआं तुरंत ऊपरी मंजिलों तक पहुंच गया और लोगों को बाहर निकलने का समय ही नहीं मिला। दमकल विभाग को सुबह 8:50 बजे सूचना मिली। शुरुआत में 7 गाड़ियां भेजी गईं, बाद में संख्या बढ़ाई गई। दमकलकर्मियों ने 39 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला, लेकिन इस बचाव कार्य में 10 दमकलकर्मी भी घायल हुए हैं, जो एम्स में भर्ती हैं। Delhi Fire Service6 कमरों की अनुमति, बना लिए 25 कमरे
जांच में सामने आया है कि रेस्टोरेंट के ऊपर चल रहा यह गेस्ट हाउस दिल्ली सरकार की बेड एंड ब्रेक फास्ट (बीएनबी) योजना के तहत चल रहा था। इसके तहत केवल 6 कमरों की स्वीकृति थी, लेकिन लालच में यहां 25 कमरे बना दिए गए थे। बीएनबी योजना के तहत अग्निशमन, एमसीडी या पुलिस से मंजूरी की आवश्यकता नहीं होती, जिसका सीधा फायदा उठाया गया। पुलिस अब इमारत के मालिक पर गैर-इरादतन हत्या और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने की तैयारी कर रही है। दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने भी सख्त लहजे में कहा है कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार इमारत के मालिक को गिरफ्तार किया जाएगा और सब पर कार्रवाई होगी। Delhi Police यह भी पढ़ें: चलती कार में लगी आग, सवार ने कूदकर बचाई जानगद्दे वाले ने बचाई कई जानें, अस्पताल में 21 मृत घोषित
हादसे के वक्त गेस्ट हाउस के सामने सड़क किनारे गद्दे बेचने वाले रियाजुद्दीन मंसूरी देवदूत बनकर सामने आए। पांचवीं मंजिल पर फंसे लोगों को बचाने के लिए उन्होंने अपनी दुकान के सारे गद्दे सड़क पर बिछा दिए, जिन पर कूदकर 4-5 लोगों ने अपनी जान बचाई। मैक्स अस्पताल के ग्रुप मेडिकल डायरेक्टर डॉ. संदीप बुद्धिराजा के अनुसार, अस्पताल में 39 लोग लाए गए थे, जिनमें से 18 को मृत लाया गया था। वहीं, एम्स के अधिकारियों के मुताबिक उनके पास 13 मरीज पहुंचे, जिनमें से 3 मृत अवस्था में लाए गए। इस तरह दम घुटने और झुलसने से कुल 21 मौतें हो चुकी हैं, जबकि 15 की हालत गंभीर बनी हुई है।नेताओं ने जताया दुख, उठे सवाल
इस भीषण त्रासदी पर राजनीतिक हलकों से शोक संवेदनाएं और सवाल दोनों उठ रहे हैं:- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह: घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि स्थानीय प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है। ईश्वर शोक संतप्त परिवारों को दुख सहने की शक्ति दे।
- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह: हादसे को व्यथित करने वाला बताया और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता: शोक व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार पूरे मामले पर नजर रखे हुए है और आपातकालीन एजेंसियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कई लोगों को सुरक्षित निकाला।
- नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी: संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं से राहत कार्य में योगदान देने की अपील की।
- आप प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज: घटनास्थल पर पहुंचकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 3 महीने पहले पालम में 9 लोग मरे, जांच रिपोर्ट नहीं आई। विवेक विहार में फायर ब्रिगेड में पानी नहीं था। अब यहां 21 लोग मरे हैं। सरकार अपनी जिम्मेदारी तय करने के बजाय पीड़ितों पर ही दोष मढ़ रही है।
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