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सबरीमाला मंदिर की पवित्र स्वर्ण चौखट से 4.5 किलो सोना गायब

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OM Darpan

Oct 11, 2025 12:48 pm 273 views
सबरीमाला मंदिर की पवित्र स्वर्ण चौखट से 4.5 किलो सोना गायब
 
  •  मरम्मत के नाम पर बड़े घोटाले का आरोप

  • केरल में राजनीतिक भूचाल

केरल। राज्य के प्रसिद्ध सबरीमाला अयप्पा मंदिर की पवित्र स्वर्ण जड़ित चौखट को लेकर एक बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं कि मरम्मत के लिए हटाई गई इन चौखटों से लगभग 4.5 किलोग्राम सोना गायब हो गया है, जिसने राज्य में राजनीतिक हलचल तेज कर दी है।

सोने के वजन में भारी कमी

रिपोर्ट्स के अनुसार, 2019 में जब जीर्णोद्धार कार्य के लिए द्वारपालक की मूर्तियों और द्वारों के पैनल पर लगे सोने के आवरण को 19 जुलाई को हटाया गया था, तब उसका वजन 42.8 किलोग्राम दर्ज किया गया था। अगले दिन, 20 जुलाई, 2019 को यह उन्नीकृष्णन पोट्टी की देखरेख में, इलेक्ट्रोप्लेटिंग के लिए अनुबंधित चेन्नई की कंपनी, स्मार्ट क्रिएशंस के पास भेजी गई, लेकिन इसे सीधे चेन्नई नहीं भेजा गया। 39 दिनों के बाद, जब यह चौखट 29 अगस्त को चेन्नई पहुंची, तो उसका वजन घटकर 38.25 किलोग्राम रह गया था, यानी लगभग 4.5 किलो सोने का नुकसान दर्ज किया गया।

39 दिनों का रहस्यमय सफर

इस दौरान, चौखट को अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया। इनमें कोट्टायम के मंदिर, आंध्र प्रदेश के मंदिरों और बेंगलुरु के श्रीरामपुरम स्थित अयप्पा मंदिर शामिल थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसे मलयालम अभिनेता जयराम के घर निजी पूजा के लिए भी लाया गया था। आखिरकार, 11 सितंबर, 2019 को इसे सबरीमाला वापस भेज दिया गया। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह वही चौखट थी जो मंदिर से निकाली गई थी और 4.5 किलो सोने के इस अबूझ नुकसान का जिम्मेदार कौन है?

केंद्रीय मंत्री और भाजपा का तीखा हमला

केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने इस विवाद पर शुक्रवार को तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि फिल्मी हस्तियों के खिलाफ जांच इस पूरे सबरीमाला स्वर्ण विवाद से ध्यान भटकाने का प्रयास है। गोपी ने जोर देकर कहा कि ऐसी घटनाएं असामान्य नहीं हैं और जब भी कोई घटना सरकार को कटघरे में खड़ा करती है, तो पुलिस कार्रवाई के जरिये किसी भी प्रतिभाशाली व्यक्ति को बदनाम करने का चलन शुरू हो जाता है। केरल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने भी इस मामले में मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने शुक्रवार को दावा किया कि राज्य में पवित्र मंदिरों की लूट 10-20 साल से हो रही है। चंद्रशेखर ने मांग की कि देवस्वोम बोर्ड की गतिविधियों और केरल के सभी मंदिरों की कथित लूट की स्वतंत्र केंद्रीय जांच शुरू की जाए।

'मंदिरों से सोना लूटा गया'

चंद्रशेखर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "अपराध हुए हैं, सोना न केवल सबरीमाला से बल्कि केरल के सभी मंदिरों से लूटा गया है। इन अपराधों के पीछे शक्तिशाली लोग हैं।" उन्होंने आगे कहा कि पवित्र मंदिरों की यह बेशर्म, अक्षम्य लूट कोई छह महीने पहले की बात नहीं है, बल्कि यह 10-20 साल से चल रही है। उन्होंने पिछले 30 वर्षों में देवस्वोम की गतिविधियों की जांच और 30 साल की देवस्वोम विजिलेंस रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की है।

विपक्ष का विधानसभा में हंगामा

इस बीच, इस विवाद को लेकर केरल विधानसभा में भी हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और राज्य के देवस्वोम मंत्री वीएन. वासवन के इस्तीफा देने तक विधानसभा की कार्यवाही में सहयोग करने से इनकार कर दिया। विपक्ष ने स्पष्ट किया है कि जब तक अपराधियों की पहचान कर उन पर मुकदमा नहीं चलाया जाता और उन्हें जेल नहीं भेजा जाता, वे चैन से नहीं बैठेंगे।
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