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बांग्लादेशी आतंकवादी समूह के 8 सदस्य 10 दिन की पुलिस हिरासत में

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OM Darpan

Dec 21, 2024 08:42 am 269 views
बांग्लादेशी आतंकवादी समूह के 8 सदस्य 10 दिन की पुलिस हिरासत में
गुवाहाटी (असम)।  अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (एक्यूआईएस) से जुड़े प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (एबीटी) के आठ सदस्यों को असम पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने गिरफ्तार किया है। गुवाहाटी की एक अदालत ने शुक्रवार को सभी आरोपियों को 10 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया। आईजीपी (एसटीएफ) पार्थ सारथी महंत ने बताया, "सभी 8 आरोपियों को कल (19 दिसंबर) अदालत में पेश किया गया था, जहां उन्हें 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया। हमने 4 पेन ड्राइव और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए हैं, जिनका विश्लेषण किया जा रहा है। गिरफ्तार व्यक्तियों में एक बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल है।"

बांग्लादेशी नागरिक होने  की पहचान

गिरफ्तार बांग्लादेशी नागरिक की पहचान 36 वर्षीय मोहम्मद साद रदी उर्फ ​​शब शेख के रूप में हुई है, जो राजशाही, बांग्लादेश का निवासी है। आईजीपी महंत ने बताया कि मोहम्मद साद रदी भारत में नवंबर 2024 में घुसा था। उसका उद्देश्य पूरे भारत में स्लीपर सेल बनाना और नापाक विचारधारा फैलाना था। महंत ने कहा, "मोहम्मद साद रदी ने असम और पश्चिम बंगाल के अलावा केरल का भी दौरा किया। उसे केरल पुलिस की मदद से गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल पुलिस की सहायता से मिनारुल शेख (40) और मोहम्मद अब्बास अली (33) को पश्चिम बंगाल से पकड़ा गया। असम के कोकराझार और धुबरी जिलों से अन्य पांच आरोपी - नूर इस्लाम मंडल (40), अब्दुल करीम मंडल (30), मोजिबर रहमान (46), हमीदुल इस्लाम (34) और इनामुल हक (29) गिरफ्तार किए गए।"

तलाशी अभियान और जब्ती

असम एसटीएफ ने "ऑपरेशन प्रघात" के तहत कार्रवाई की। एसटीएफ प्रमुख डॉ. पार्थ सारथी महंत के निर्देशन में 17-18 दिसंबर 2024 की रात को केरल, पश्चिम बंगाल और असम में तलाशी अभियान चलाया गया। महंत ने बताया, "गिरफ्तार आरोपियों के पास से जब्त दस्तावेज और तकनीकी साक्ष्य बताते हैं कि वे सीमा पार बांग्लादेश और पाकिस्तान स्थित संस्थाओं के साथ लगातार संपर्क में थे। जांच में खुलासा हुआ है कि ये मॉड्यूल असम और पश्चिम बंगाल सहित पूरे भारत में स्लीपर सेल स्थापित करने की योजना बना रहे थे। इन स्लीपर सेल का उद्देश्य विध्वंसक और हिंसक गतिविधियां करना था।"

संगठन की साजिश

महंत ने कहा, "आरोपियों ने भारत में कट्टरपंथी विचारधाराओं को फैलाने और स्थानीय कमजोरियों का लाभ उठाकर व्यवधान और अराजकता पैदा करने की योजना बनाई थी। उनका उद्देश्य संगठन के प्रति वफादारी रखते हुए गुप्त तरीके से काम करना था।"
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