17 सितम्बर 2026 |
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गांवों के विकास का नया खाका होगा तैयार: दिल्ली में जुटेगा देशभर का पंचायत तंत्र, ई-ग्रामस्वराज पोर्टल के नए रूप की होगी लॉन्चिंग

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OM Darpan

May 03, 2026 11:24 pm 228 views
गांवों के विकास का नया खाका होगा तैयार: दिल्ली में जुटेगा देशभर का पंचायत तंत्र, ई-ग्रामस्वराज पोर्टल के नए रूप की होगी लॉन्चिंग

नई दिल्ली (ओमदर्पण न्यूज़)।

पंचायती राज मंत्रालय द्वारा 4 और 5 मई 2026 को नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में पंचायत विकास योजनाओं (पीडीपी) के निर्माण पर एक महत्वपूर्ण दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्घाटन पंचायती राज मंत्रालय के सचिव विवेक भारद्वाज और जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (डीडीडब्ल्यूएस) के सचिव अशोक के.के. मीना की उपस्थिति में होगा। दोनों वरिष्ठ अधिकारी कार्यक्रम में मुख्य भाषण भी देंगे।

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इन पुस्तिकाओं और पोर्टल का होगा शुभारंभ

उद्घाटन सत्र के दौरान पंचायत विकास योजना (2026-27) की तैयारियों को गति देने के लिए जन योजना अभियान (पीपीसी) पुस्तिका और गुणवत्तापूर्ण ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) पुस्तिका का शुभारंभ किया जाएगा। इसके साथ ही, नए रूप में तैयार किए गए 'ई-ग्रामस्वराज योजना पोर्टल' की भी लॉन्चिंग की जाएगी। कार्यशाला में विषयगत पंचायत विकास योजनाओं की बदलती भूमिका और 16वें वित्त आयोग के अनुदानों के ढांचे जैसे अहम विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी।

10 विषयगत क्षेत्रों पर बनेगी मॉडल योजनाएं

इस कार्यशाला में भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि और पंचायती राज के प्रमुख हितधारक एक मंच पर जुटेंगे। दो दिनों तक चलने वाले तकनीकी सत्रों और व्यावहारिक समूह अभ्यासों में राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों की टीमें नए ई-ग्रामस्वराज पोर्टल पर मॉडल योजनाएं तैयार करेंगी।

ये योजनाएं मुख्य रूप से 10 विषयगत क्षेत्रों पर केंद्रित होंगी, जिनमें आजीविका, स्वास्थ्य, बाल-हितैषी शासन, जल पर्याप्तता, स्वच्छता, अवसंरचना, सामाजिक न्याय, सुशासन, महिला सशक्तिकरण और पेसा (PESA) एवं वन अधिकार अधिनियम का अनुपालन शामिल है।

'विकसित पंचायत' से 'विकसित भारत' का लक्ष्य

इस राष्ट्रीय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर डेटा-आधारित और सहभागी योजना निर्माण प्रक्रिया को मजबूत करना है। साथ ही, यह सुनिश्चित करना है कि वर्ष 2026-27 के लिए बनाई जाने वाली पंचायत विकास योजनाएं 16वें वित्त आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप हों और ग्रामीण समुदायों को इसके मापने योग्य परिणाम मिल सकें। सरकार का मानना है कि 'विकसित पंचायत' की यह सोच ही आगे चलकर 'विकसित भारत' की मूलभूत इकाई बनेगी।

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