कोयला मंत्रालय का स्वच्छता अभियान तेज - मंत्रियों ने खुद किया ई-कचरे का निपटान
OM Darpan
562 से अधिक स्थानों का हुआ कायाकल्प - कबाड़ वाली जगहों का हो रहा सदुपयोग
नई दिल्ली।
कोयला मंत्रालय ने अपने कार्यालयों और सार्वजनिक उपक्रमों में चल रहे 'विशेष अभियान 6' की गति तेज कर दी है। बुधवार को नई दिल्ली स्थित जीपीओए-3 की मुख्य लॉबी में ई-कचरा संग्रह के लिए विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी और राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने खुद खराब हो चुके इलेक्ट्रॉनिक उपकरण कियोस्क में जमा कर पर्यावरण संरक्षण का कड़ा संदेश दिया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ई-कचरे के वैज्ञानिक पुनर्चक्रण और व्यवस्थित निपटान को बढ़ावा देना है।
अधिकारियों को लक्ष्य पूरा करने की हिदायत
मंत्रालय के संयुक्त सचिव संजीव कुमार कासी ने अभियान की जमीनी हकीकत जानने के लिए कोल इंडिया (सीआईएल), एनएलसीआईएल, एससीसीएल और सीएमपीएफओ के नोडल अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि काम की गति को किसी भी हाल में धीमा न होने दें और सभी चिह्नित कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। इस अभियान के तहत अब तक 562 स्थानों की सफाई कर उनका पूरी तरह से कायाकल्प किया जा चुका है। इससे न सिर्फ कार्यस्थल का माहौल बेहतर हुआ है, बल्कि लंबे समय से बेकार पड़े बुनियादी ढांचे का भी अब उपयोग हो सकेगा।
15 हजार वर्ग फुट इलाके से हटाया मलबा
इस अभियान का असर जमीनी स्तर पर भी साफ देखने को मिल रहा है। ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ईसीएल) ने अपने पांडवेश्वर क्षेत्र में 15 हजार वर्ग फुट इलाके में व्यापक सफाई अभियान चलाकर जंगली झाड़ियों और सालों पुराने मलबे को हटाया है। इससे परिसर की सुरक्षा और तस्वीर दोनों बदल गई है। दूसरी ओर, वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) के मुख्यालय में भी लंबे समय से कम उपयोग वाली एक जगह को आधुनिक 'कॉर्पोरेट सुरक्षा कार्यालय' में तब्दील कर दिया गया है। कोयला क्षेत्र में स्वच्छता और जवाबदेही की यह संस्कृति संसाधनों के सार्थक इस्तेमाल की एक बड़ी मिसाल बन रही है।
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