17 सितम्बर 2026 |
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दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी: 47.7 लाख मतदाताओं के नाम कटे, जानें अपना नाम जुड़वाने का तरीका

OM Darpan

Aug 31, 2026 10:17 pm 678 views
दिल्ली की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी: 47.7 लाख मतदाताओं के नाम कटे, जानें अपना नाम जुड़वाने का तरीका
    ✍️ विशेष संवाददाता नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चुनाव आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी है। इस बार सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां दिल्ली के कुल 1.45 करोड़ मतदाताओं में से लगभग 47.7 लाख लोगों के नाम हटा दिए गए हैं। वर्तमान में जारी किए गए मसौदे में 97.5 लाख मतदाताओं को शामिल किया गया है। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि जिन पात्र नागरिकों के नाम इस सूची में छूट गए हैं, उनके पास अभी भी सुधार का मौका है।

30 सितंबर तक दर्ज करा सकते हैं दावे और आपत्तियां

मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, जिन लोगों के नाम वर्तमान ड्राफ्ट लिस्ट में शामिल नहीं हैं, वे 30 सितंबर तक फॉर्म-6 और आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपने दावे पेश कर सकते हैं। निर्वाचन आयोग के संशोधित कार्यक्रम के तहत इन दावों और आपत्तियों की गहन जांच की जाएगी। नोटिस देने और मामलों के निपटारे की यह प्रक्रिया 29 अक्टूबर तक जारी रहेगी। सभी संशोधनों के बाद, मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 4 नवंबर को किया जाएगा।

ASDDDO श्रेणी के तहत हटाए गए लाखों नाम

ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर किए गए 47.7 लाख मतदाताओं को 'अनुपलब्ध' की श्रेणी में रखा गया है। इन्हें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत्यु, सूची में एक से अधिक बार नाम और अन्य (एएसडीडीओ) श्रेणियों के आधार पर वर्गीकृत किया गया है। एसआईआर प्रक्रिया के दौरान 30 जून से 17 अगस्त तक घर-घर जाकर गणना की गई थी। इस अभियान के दौरान जिन लोगों के फॉर्म प्राप्त नहीं हुए थे, उन्हें अब दावा प्रक्रिया के माध्यम से अपना नाम जुड़वाने की अनुमति दी गई है।

डिजिटलीकरण में रोहिणी सबसे आगे, तुगलकाबाद फिसड्डी

इस बार मतदाता सूची तैयार करने में तकनीक का व्यापक इस्तेमाल हुआ और दिल्ली के 1,45,10,299 मतदाताओं में से 67.18 फीसदी के फॉर्म डिजिटल माध्यम से भरे गए। डिजिटलीकरण के मामले में शहर की 70 विधानसभा सीटों पर अलग-अलग रुझान दिखे। रोहिणी विधानसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 83.43 प्रतिशत फॉर्म डिजिटल माध्यम से भरे गए, जबकि तुगलकाबाद में यह आंकड़ा सबसे कम 52.15 प्रतिशत रहा। 30 जून से 17 अगस्त के बीच चले इस अभियान के दौरान प्राप्त प्रपत्रों को डिजिटल रूप से स्वीकार किया गया है।

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