आसमान में मोबाइल छोड़ यात्रियों ने अपनों को लिखे खत डाक विभाग और इंडिगो की अनोखी पहल
OM Darpan
राष्ट्रीय डाक सप्ताह के मौके पर डिजिटल डिटॉक्स अभियान शुरू यात्रियों को बांटी गई विशेष किट
नई दिल्ली।
तेजी से डिजिटल होती दुनिया में जहां लोग मोबाइल और स्क्रीन में उलझे रहते हैं, वहीं आसमान में 30 हजार फीट की ऊंचाई पर उड़ते विमानों में एक अलग ही नजारा देखने को मिला। फ्लाइट में यात्रियों ने अपने स्मार्टफोन एक तरफ रख दिए और अपनों के लिए कागज पर भावनाएं उकेरीं। मौका था संचार मंत्रालय के डाक विभाग और इंडिगो एयरलाइंस द्वारा चलाए गए अनूठे 'डिजिटल डिटॉक्स' अभियान का। लोगों को स्क्रीन से दूर कर हस्तलिखित पत्रों की दुनिया में वापस लाने के लिए 12 अक्टूबर को यह खास आयोजन किया गया।
हवा में मिली डिटॉक्स किट
राष्ट्रीय डाक सप्ताह (9 से 15 अक्टूबर) के तहत डाक टिकट संग्रह दिवस पर इस पहल की शुरुआत की गई। इसके तहत चुनिंदा इंडिगो उड़ानों में सफर कर रहे यात्रियों को खास तौर पर डिजाइन की गई 'डिजिटल डिटॉक्स किट' भेंट की गई। किट में विशेष रूप से तैयार किए गए पोस्टकार्ड शामिल थे। इसका मुख्य उद्देश्य यात्रियों को कुछ समय के लिए डिजिटल उपकरणों से दूरी बनाने और खत लिखने की पुरानी और खूबसूरत परंपरा से दोबारा जोड़ना था।
छह प्रमुख शहरों के यात्री बने हिस्सा
इस अभियान ने देश के छह प्रमुख शहरों बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई के यात्रियों को आपस में जोड़ा। फ्लाइट में सफर के दौरान खत लिखने के बाद यात्रियों ने गंतव्य हवाई अड्डों पर उतरकर वहां विशेष रूप से लगाए गए 'इंडिया पोस्ट लेटर बॉक्स' में अपने पोस्टकार्ड डाले, ताकि वे उनके करीबियों तक पहुंच सकें। इन पोस्टकार्ड्स पर सभी शहरों के प्रमुख ऐतिहासिक और प्रतिष्ठित स्थलों की तस्वीरें भी उकेरी गई थीं।
ब्लू टिक के दौर में खत लिखने का सुकून
इस पहल को लेकर यात्रियों में खासा उत्साह देखने को मिला। फ्लाइट में सफर कर रहे एक यात्री ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि व्हाट्सएप के ब्लू टिक वाले इस दौर में 30 हजार फीट की ऊंचाई पर पोस्टकार्ड लिखना एक यादगार अहसास था। बादलों और शांति के बीच अपनों के लिए कागज पर विचार उतारने का यह सबसे सही समय था। इस अभियान ने यह संदेश दिया कि स्क्रीन टाइम कम करके मानवीय रिश्तों को ज्यादा मजबूती से जोड़ा जा सकता है।
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