22 अक्टूबर 2026 |
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खेत और इंसान दोनों को बचाने की जरूरत, तरावड़ी से राष्ट्रव्यापी खेत बचाओ अभियान का आगाज

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OM Darpan

Oct 22, 2026 08:23 pm 385 views
खेत और इंसान दोनों को बचाने की जरूरत, तरावड़ी से राष्ट्रव्यापी खेत बचाओ अभियान का आगाज

तरावड़ी (करनाल)। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने करनाल जिले के ऐतिहासिक कस्बे तरावड़ी से राष्ट्रव्यापी 'खेत बचाओ अभियान' का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने किसानों से रासायनिक खादों के असंतुलित उपयोग को रोकने और प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। साथ ही, हरियाणा को ग्रामीण विकास की बड़ी सौगात देते हुए राज्य के 28,422 गरीब परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास

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तरावड़ी में खेत बचाओ अभियान का शुभारंभ करते शिवराज सिंह चौहान

योजना (ग्रामीण) के तहत 1,343 करोड़ रुपये के पक्के मकानों की स्वीकृति भी दी।


समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने आगाह किया कि यदि कीटनाशकों और रसायनों का अंधाधुंध इस्तेमाल नहीं रुका, तो धरती बंजर हो जाएगी और मानव शरीर गंभीर बीमारियों का घर बन जाएगा। उन्होंने बताया कि मिट्टी के गिरते स्वास्थ्य को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी गहराई से चिंतित हैं। धरती को बचाने के लिए 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक पूरे देश में व्यापक जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी प्रयोगशालाओं व दफ्तरों से निकलकर गांव-गांव जाएंगे और किसानों के बीच चौपाल लगाकर उन्हें जागरूक करेंगे।


मिट्टी संरक्षण के दिए तीन मंत्र

चौहान ने जमीन को उपजाऊ बनाए रखने के लिए किसानों को तीन व्यावहारिक सुझाव दिए। पहला, मोबाइल पर सॉइल हेल्थ कार्ड देखकर मिट्टी की जरूरत के हिसाब से ही संतुलित खाद डालें। दूसरा, लगातार धान-गेहूं बोने के बजाय बीच में चना, मसूर और तुअर जैसी दलहनी फसलें लगाकर फसल चक्र बदलें ताकि प्राकृतिक रूप से नाइट्रोजन मिल सके। तीसरा, शुरुआत में कम से कम आधे एकड़ खेत में गाय के गोबर और गोमूत्र से बने 'बीजामृत' व 'घनजीवामृत' का उपयोग कर प्राकृतिक खेती शुरू करें।


सस्ती खाद का मतलब अंधाधुंध इस्तेमाल नहीं

सरकार द्वारा वहन की जा रही डेढ़ लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की फर्टिलाइजर सब्सिडी का जिक्र करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को यूरिया 266 रुपये और डीएपी 1350 रुपये में मिल रही है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि खेतों में खाद के कट्टे उड़ेल दिए जाएं। जरूरत से ज्यादा खाद डालना जमीन में जहर घोलने जैसा है। उन्होंने पराली जलाने को भी आत्मघाती कदम बताते हुए कहा कि आग लगाने से मिट्टी को उपजाऊ बनाने वाले केंचुए और प्राकृतिक मित्र कीट जलकर नष्ट हो जाते हैं। चौहान ने बताया कि भारत जल्द ही ग्रीन अमोनिया के जरिए उर्वरक उत्पादन में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनेगा।


इस दौरान चौहान ने हरियाणा के किसानों की मेहनत और प्रयोगधर्मिता की सराहना करते हुए कहा कि वे मध्य प्रदेश सहित पूरे देश को नई राह दिखा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित किसानों ने अपने दोनों हाथ उठाकर और मुट्ठी बांधकर 'भारत माता की जय' के उद्घोष के साथ धरती माता के स्वास्थ्य की रक्षा का संकल्प लिया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने मंच से हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा को आवास योजना की मंजूरी का औपचारिक पत्र सौंपा। कार्यक्रम में आईसीएआर के महानिदेशक डॉ. मांगीलाल जाट, हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव (कृषि) विजेंद्र कुमार सहित कई प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे। समारोह में 'खेत बचाओ अभियान' पुस्तिका का विमोचन भी किया गया।

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