गांधी, शास्त्री और कामराज को उपराष्ट्रपति ने दी श्रद्धांजलि
OM Darpan
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर राजघाट और विजयघाट जाकर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके अलावा उन्होंने उपराष्ट्रपति भवन में तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री थिरु के कामराज की पुण्यतिथि पर भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।
उपराष्ट्रपति ने राजघाट पर महात्मा गांधी को नमन करते हुए कहा कि सत्य और अहिंसा में उनकी अटूट निष्ठा, न्याय के प्रति दृढ़ संकल्प और प्रत्येक व्यक्ति की गरिमा में उनका विश्वास पूरी मानवता को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि बापू का जीवन शांति, करुणा, निःस्वार्थ भाव और सेवा का अमर प्रकाश स्तंभ है। उन्होंने सभी से एक न्यायसंगत, समान और समावेशी समाज के निर्माण के लिए खुद को समर्पित करने का आह्वान किया।
विजयघाट पर लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि देते हुए उपराष्ट्रपति ने उन्हें शांत, शक्तिशाली और असाधारण संकल्प वाला नेता बताया। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का नेतृत्व भारत की यात्रा के एक अहम मोड़ पर लोगों में भरोसा और एकता जगाने वाला रहा। उनके दिए "जय जवान, जय किसान" के नारे ने सैनिकों के बलिदान और किसानों के योगदान को स्थायी पहचान दी। उनका जीवन सादगी, साहस और राष्ट्र सेवा की मिसाल है।
उपराष्ट्रपति भवन में थिरु के कामराज को याद करते हुए उपराष्ट्रपति ने सार्वजनिक जीवन और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि कामराज जी गांधीवादी विचारों से प्रेरित थे। उन्होंने तमिलनाडु में सड़कों और शैक्षणिक संस्थानों के विस्तार, मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) योजना की शुरुआत, बांधों के निर्माण और औद्योगिक संपदाओं की स्थापना के जरिए कृषि तथा औद्योगिक विकास की मजबूत नींव रखी।
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