7 अक्टूबर 2026 |
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

राजधानी में नशे के सौदागरों पर पुलिस का शिकंजा, 84 नशीली टैबलेट के साथ जितेश यादव गिरफ्तार

शेयर करें

OM Darpan

Sep 06, 2026 07:54 pm 466 views
राजधानी में नशे के सौदागरों पर पुलिस का शिकंजा, 84 नशीली टैबलेट के साथ जितेश यादव गिरफ्तार
 
  • गुढ़ियारी पुलिस ने श्रीनगर रोड पर की घेराबंदी, 35 हजार रुपये का मशरूका बरामद

✍️ विशेष संवाददाता रायपुर | राजधानी रायपुर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस ने इस हफ्ते एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को दबोचा है। गुढ़ियारी थाना पुलिस ने श्रीनगर रोड पर घेराबंदी कर प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री कर रहे आरोपी के पास से 84 नग Nitrosun-10 टैबलेट बरामद की हैं। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दवाओं के साथ-साथ बिक्री की रकम और वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन भी जब्त किया है। पकड़े गए सामान की कुल कीमत करीब 35 हजार रुपये बताई जा रही है।

खाली मैदान में ग्राहक का इंतजार कर रहा था आरोपी

पुलिस के मुताबिक, नशे के अवैध धंधे पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान मुखबिर से एक पुख्ता सूचना मिली थी। जानकारी के अनुसार श्रीनगर रोड स्थित महेश भवन के पास एक खाली मैदान में एक युवक प्रतिबंधित नशीली दवाओं के साथ ग्राहक की तलाश में खड़ा था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर गुढ़ियारी पुलिस की टीम ने मौके पर दबिश दी और संदिग्ध युवक को घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया।

खमतराई निवासी जितेश के पास से मिलीं प्रतिबंधित दवाएं

पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना नाम जितेश यादव उर्फ जित्तु बताया, जो खमतराई के शहीद नगर, साहू आटा चक्की और दुर्गा मंदिर के पास का निवासी है। तलाशी में 22 वर्षीय जितेश के पास से Nitrosun-10 की 84 टैबलेट मिलीं। जब पुलिस ने इन दवाओं की बिक्री या कब्जे से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे, तो आरोपी जितेश यादव कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका। आरोपी के पिता का नाम कमलेश यादव है।

NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज, अब बड़े नेटवर्क की तलाश

पुलिस ने आरोपी जितेश यादव के खिलाफ गुढ़ियारी थाने में अपराध क्रमांक 391/2026 और धारा 21(बी) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। अब पुलिस की जांच इस दिशा में मुड़ गई है कि आरोपी को प्रतिबंधित दवाओं की इतनी बड़ी खेप कहां से मिल रही थी। पुलिस अधिकारी इस मामले में बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक की पड़ताल कर रहे हैं ताकि इस अवैध कारोबार के पीछे सक्रिय बड़े नेटवर्क और अन्य संलिप्त लोगों का खुलासा कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।  

शेयर करें

विज्ञापन / Advertisement

Government Advertisement
261007055425765

विज्ञापन

Advertisement