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अंजोर विजन 2047: छत्तीसगढ़ में खुलेंगे 1000 मॉडल स्कूल, ड्रॉपआउट रेट शून्य करने का साय सरकार ने लिया लक्ष्य

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OM Darpan

Nov 29, 2025 08:43 am 275 views
अंजोर विजन 2047: छत्तीसगढ़ में खुलेंगे 1000 मॉडल स्कूल, ड्रॉपआउट रेट शून्य करने का साय सरकार ने लिया लक्ष्य

  •  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने की शिक्षा विभाग की समीक्षा

  • साइंस सिटी, एआई-आधारित मूल्यांकन और प्रश्नपत्रों की ट्रैकिंग पर जोर

रायपुर।

छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने की दिशा में सरकार ने ‘अंजोर विजन’ के तहत शिक्षा के बुनियादी ढांचे को बदलने की कवायद तेज कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को मंत्रालय (महानदी भवन) में शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में वर्ष 2030, 2035 और 2047 के लिए लघु, मध्यम और दीर्घकालीन लक्ष्यों पर मुहर लगाई गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लक्ष्य बड़े हैं, इसलिए कार्ययोजना केवल कागजों पर न रहे, बल्कि उसका जमीनी क्रियान्वयन पूरी ईमानदारी से हो।

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शिक्षकों पर बच्चों का भविष्य संवारने की जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ का ‘अंजोर विजन’ अहम भूमिका निभाएगा। इसका आधार शिक्षा है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक अपनी जिम्मेदारी दृढ़ता से निभा लें, तो बच्चों के भविष्य को स्वर्णिम बनने से कोई नहीं रोक सकता। राज्य में शिक्षकों की संख्या राष्ट्रीय औसत से बेहतर है, अब आवश्यकता शिक्षकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और नेतृत्व क्षमता विकसित करने की है।

1000 मॉडल स्कूल और एआई टेक्नोलॉजी का प्रयोग

विभाग के प्रस्तुतीकरण के दौरान अंजोर विजन के तहत कई महत्वाकांक्षी योजनाओं पर चर्चा की गई। इसमें प्रदेश भर में 1000 मॉडल स्कूलों की स्थापना और स्कूल कॉम्प्लेक्स प्रणाली लागू करना शामिल है। शिक्षा में आधुनिकता लाने के लिए अब एआई (Artificial Intelligence) आधारित मूल्यांकन प्रणाली अपनाई जाएगी। इसके अलावा, छात्रों के लिए डिजिटल ऐप के माध्यम से व्यक्तिगत पाठ योजनाएं और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्कूलों की शुरुआत करने की योजना है।

साइंस सिटी और STEM शिक्षा पर फोकस

विज्ञान और तकनीकी शिक्षा (STEM) को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने साइंस सिटी की स्थापना और विज्ञान मेलों के आयोजन पर जोर दिया। स्कूलों में एआई और रोबोटिक्स लैब शुरू किए जाएंगे। बैठक में निर्णय लिया गया कि वर्ष 2035 तक स्कूलों में ड्रॉपआउट दर को शून्य स्तर पर लाया जाएगा। इसके लिए आंगनबाड़ी और बालवाड़ी स्तर से ही बुनियादी शिक्षा को मजबूत किया जाएगा।

बोर्ड परीक्षा में बदलाव: प्रश्नपत्रों की ट्रैकिंग

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए मुख्यमंत्री ने कड़े निर्देश दिए। अब गोपनीय प्रश्नपत्रों के परिवहन के लिए एक ट्रैकिंग सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही त्रुटिरहित मूल्यांकन व्यवस्था, प्रतियोगी परीक्षाओं की तर्ज पर प्रश्न बैंक तैयार करने और हायर सेकेंडरी स्तर पर अतिरिक्त विषयों के विकल्प देने पर काम होगा।

समीक्षा के मुख्य बिंदु:

  • नामांकन: एनईपी 2020 के तहत नामांकन दर में वृद्धि और बालवाड़ी को स्कूली शिक्षा से जोड़ना।

  • डिजिटल पहल: पीएम ई-विद्या, ‘जादुई पिटारा’ और संवाद कार्यक्रम का विस्तार।

बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, मुख्य सचिव विकास शील, माशिमं अध्यक्ष रेणु पिल्लै सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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