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'तुहर टोकन' एप से किसानों को मिलेगी लंबी कतारों से मुक्ति

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OM Darpan

Nov 13, 2025 10:24 am 337 views
'तुहर टोकन' एप से किसानों को मिलेगी लंबी कतारों से मुक्ति

  • खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए खाद्य विभाग की नई पहल; घर बैठे मिलेगा धान बिक्री का टोकन
  •  खरीदी केंद्रों पर 70% कोटा एप के लिए आरक्षित
रायपुर। छत्तीसगढ़ में किसानों को धान विक्रय में होने वाली असुविधाओं से राहत देने के लिए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। विभाग द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए ‘तुहर टोकन मोबाइल एप’ प्रारंभ किया गया है। इस एप का मुख्य उद्देश्य किसानों को धान विक्रय हेतु घर बैठे टोकन उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें खरीदी समितियों में लगने वाली लंबी कतारों से निजात मिल सकेगी। यह मोबाइल एप्लीकेशन गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध करा दिया गया है।

पंजीयन और टोकन प्रक्रिया

किसानों को इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए सबसे पहले एप पर अपना पंजीयन करना होगा। यह पंजीयन प्रक्रिया आधार आधारित ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) के माध्यम से पूरी की जाएगी। पंजीयन के बाद, किसान प्रतिदिन सुबह 8.00 बजे से धान बिक्री के लिए टोकन हेतु आवेदन कर सकेंगे। नया टोकन जारी करने के लिए रविवार से शुक्रवार, प्रातः 8.00 बजे से सायं 5.00 बजे तक का समय निर्धारित किया गया है। एक बार जारी किया गया टोकन आगामी 07 खरीदी दिवसों के लिए मान्य रहेगा।

पारदर्शिता हेतु टोकन का वर्गीकरण

धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सभी वर्गों के किसानों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से टोकन का वर्गीकरण किया गया है। खाद्य सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले ने जानकारी दी कि किसान की श्रेणी के आधार पर टोकन की संख्या निर्धारित की गई है:
  • सीमांत कृषक (2 एकड़ या कम भूमि): अधिकतम 1 टोकन
  • लघु कृषक (2 से 10 एकड़ तक): अधिकतम 2 टोकन
  • दीर्घ कृषक (10 एकड़ से अधिक): अधिकतम 3 टोकन

खरीदी केंद्रों पर आरक्षण व्यवस्था

नई व्यवस्था के तहत, धान खरीदी केंद्रों की प्रतिदिन की कुल खरीदी सीमा का 70 प्रतिशत हिस्सा मोबाइल एप के माध्यम से आने वाले टोकन के लिए आरक्षित रखा गया है। इस 70 प्रतिशत कोटे में भी लघु एवं सीमांत कृषकों को प्राथमिकता दी गई है। एप के लिए आरक्षित कोटे में से 80 प्रतिशत हिस्सा लघु एवं सीमांत कृषकों के लिए होगा, जबकि 20 प्रतिशत हिस्सा दीर्घ कृषकों के लिए आरक्षित रहेगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी उपार्जन केंद्र की प्रतिदिन की खरीदी सीमा 1000 क्विंटल है, तो मोबाइल एप हेतु आरक्षित 700 क्विंटल में से 560 क्विंटल लघु एवं सीमांत कृषकों के लिए तथा 140 क्विंटल दीर्घ कृषकों के लिए निर्धारित होगा।

सोसाइटी स्तर पर भी मिलेगी सुविधा

विभाग ने स्पष्ट किया है कि शेष 30 प्रतिशत टोकन पहले की तरह सोसाइटी स्तर पर भी किसानों हेतु उपलब्ध रहेंगे। इस दोहरी व्यवस्था से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी वर्ग के किसानों को धान विक्रय हेतु सहज और सुगम व्यवस्था प्राप्त हो सके। खाद्य विभाग का मानना है कि ‘तुहर टोकन मोबाइल एप’ राज्य के किसानों को आधुनिक तकनीक के माध्यम से सशक्त बनाएगा और खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता, समान अवसर तथा समय की बचत सुनिश्चित करेगा।  
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