23 सितम्बर 2026 |
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सुकमा में बाढ़ के बाद डायरिया का कहर: 15 दिनों में 7 लोगों की मौत, ग्रामीणों में फैली दहशत

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OM Darpan

Oct 18, 2024 01:15 am 230 views
  सुकमा (कौशल संदुजा)। बस्तर संभाग के छिंदगढ़ विकासखंड के गांव चितलनार में बाढ़ के बाद डायरिया के कारण लगातार हो रही मौतों ने गांव में भय का माहौल बना दिया है। पिछले 15 दिनों में गांव में 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें से 5 केवल एक हफ्ते के अंदर हुई हैं। इस स्थिति ने ग्रामीणों को असमंजस में डाल दिया है, जिसके चलते लोग इलाज के लिए सिरहा गुनिया के दरवाजे पर पहुंच रहे हैं और अस्पताल का चक्कर काट रहे हैं। गांव में बाढ़ का कहर: अगस्त और सितंबर के महीने में हुई भारी बारिश के कारण चितलनार गांव में बाढ़ आ गई। बाढ़ के पानी ने लगभग सभी घरों में घुसकर तबाही मचाई, जिससे करीब 25 से ज्यादा घर ढह गए। इस प्राकृतिक आपदा ने लोगों को न केवल आर्थिक रूप से प्रभावित किया बल्कि अब डायरिया का प्रकोप भी फैल गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ के बाद डायरिया ने लगभग सभी लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। 15 दिनों में 7 मौतें: पिछले 15 दिनों में 7 लोगों की मौत हो चुकी है। ग्रामीणों ने बताया कि इनमें से 5 मौतें केवल एक हफ्ते के अंदर हुई हैं। अस्पताल जाने पर भी किसी प्रकार की राहत नहीं मिल रही है, जिससे गांव में भय का वातावरण है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए शिविर में लोग अपना इलाज करवा रहे हैं, लेकिन उल्टी और दस्त की समस्या से ग्रसित लोग चिंतित हैं। सभी मृतकों को डायरिया होने की जानकारी मिली है, और कई ग्रामीणों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाढ़ के बाद फैला डायरिया: ग्रामीणों के अनुसार, सितंबर के महीने में आई बाढ़ के बाद डायरिया का प्रकोप बढ़ गया। 7 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक 7 लोगों की मौत हुई है। गांव के कुछ लोग छिंदगढ़ ब्लॉक गए थे और शासन-प्रशासन से गांव में चिकित्सा शिविर लगाने की मांग की गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में शिविर लगाकर 100 से ज्यादा लोगों की जांच की, जिसमें से 40 से अधिक लोगों को शरीर में दर्द और 9 लोगों को डायरिया से पीड़ित पाया गया। कुछ ग्रामीणों को बुखार भी है। गांव में कुल 63 मकान हैं, जिसमें 364 लोग निवास करते हैं, और यह गांव सुकमा जिला मुख्यालय से लगभग 45 किमी की दूरी पर स्थित है। स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता सुकमा जिला के CMHO कपिल कश्यप ने बताया कि चिंतलनार में डायरिया से हुई मौतों की जानकारी मिलने के बाद 8 अक्टूबर को स्वास्थ्य विभाग की टीम को जांच के लिए गांव रवाना किया गया। टीम ने घर-घर जाकर सर्वे किया, जिसमें 2 से 3 लोग बीमार पाए गए, जिन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। 13 अक्टूबर को मेडिकल कॉलेज में एक मौत हुई, इसके अलावा 2 से 3 मौतें गांव से बाहर हुई हैं। कपिल कश्यप ने आगे बताया कि 13 अक्टूबर से चिंतलनार में स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार उपस्थित है। शिविर में लोग आकर अपना इलाज और जांच करवा रहे हैं। कुछ ग्रामीणों को अस्पताल में भेजा गया है। इसके अलावा, BMO सहित जिला अस्पताल से 4 डॉक्टरों की टीम को शिविर में जांच के लिए भेजा गया है। मितानित घर-घर जाकर लोगों का चेकअप कर रही हैं, और उन्हें ओआरएस दिया जा रहा है। रात और दिन में स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में लगी हुई है, जिससे लोगों को सही समय पर इलाज मिल सके।
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