दो नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण: छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन नीति से प्रेरित होकर जुड़े समाज की मुख्यधारा से
OM Darpan
Oct 20, 2024 12:57 am
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20 Oct 2024
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सुकमा (कौशल संदुजा)।
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में सक्रिय दो नक्सलियों ने आज आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा से जुड़ने का निर्णय लिया है। ये आत्मसमर्पण छत्तीसगढ़ शासन की "छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति" तथा "नियद नेल्ला नार" योजना से प्रभावित होकर किया गया है। इसके अतिरिक्त, लगातार अंदरूनी क्षेत्रों में पुलिस के बढ़ते प्रभाव और सुरक्षा कैम्पों की स्थापना ने भी आत्मसमर्पण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में ओयाम हुंगा पिता ओयाम पाण्डू, कामावरम आरपीसी सेक्शन डिप्टी कमाण्डर (उम्र लगभग 32 वर्ष), निवासी राजपेंटा पटेलपारा थाना जगरगुण्डा जिला सुकमा और पोड़ियम जम्पू उर्फ गंपू पिता बदरा, मेहता आरपीसी मिलिशिया सदस्य (उम्र लगभग 22 वर्ष), निवासी मेहता, पटेलपारा थाना कोंटा जिला सुकमा शामिल हैं। दोनों नक्सलियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सुकमा में डिप्टी कमाण्डेन्ट 50 वाहिनी सीआरपीएफ रेमताराम, निरीक्षक रोषन सिंह राजपूत (प्रभारी नक्सल सेल सुकमा), और निरीक्षक अनिल कुमार (208 कोबरा वाहिनी) के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया।
इन नक्सलियों को आत्मसमर्पण हेतु प्रेरित करने में रेंज फिल्ड टीम (आरएफटी) कोंटा, 50 और 219 वाहिनी सीआरपीएफ तथा 208 कोबरा वाहिनी की आसूचना शाखा के कार्मिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
नक्सल गतिविधियों में शामिल रहे थे दोनों सदस्य
उक्त नक्सली सदस्यों ने प्रतिबंधित नक्सल संगठन में रहकर पुलिस गश्त पार्टी की रेकी करना, पुलिस पार्टी पर हमला करना, मुख्य मार्गों को खोदकर मार्ग अवरुद्ध करना, आम जनता से लूटपाट करना और शासन-प्रशासन के विरुद्ध नक्सली बैनर, पोस्टर तथा पर्चा-पाम्पलेट लगाने जैसी विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया था।
आत्मसमर्पण करने वाले दोनों नक्सलियों को छत्तीसगढ़ शासन की "छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति" के तहत सहायता राशि और अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
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