2 अक्टूबर 2026 |
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CM साय का एक्शन मोड ऑन: मवेशी मुक्त होंगी सड़कें, छत्तीसगढ़ की जनता को हादसों से मिलेगी मुक्ति

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OM Darpan

Jul 23, 2025 06:01 am 359 views
CM साय का एक्शन मोड ऑन: मवेशी मुक्त होंगी सड़कें, छत्तीसगढ़ की जनता को हादसों से मिलेगी मुक्ति
  रायपुर। सड़कों पर आवारा घूमते मवेशी अब किसी की जान न लें, इसके लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कड़ा रुख अपना लिया है। मंत्रालय में हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री का दर्द और गुस्सा दोनों झलका। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में कह दिया कि सड़कों पर निराश्रित पशुओं की वजह से हो रही दुर्घटनाओं को हर हाल में रोकना होगा। साय ने स्पष्ट किया कि यह समस्या केवल यातायात में बाधा नहीं, बल्कि परिवारों को उजाड़ने वाली एक गंभीर त्रासदी है, जिसके समाधान में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।  
समन्वय बनाकर काम करने की हिदायत मुख्यमंत्री ने बैठक में मौजूद पशुधन विकास, नगरीय प्रशासन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास और लोक निर्माण विभाग के आला अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ एक ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह समस्या शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में विकराल रूप ले चुकी है और इससे निपटने के लिए सभी विभागों को मिलकर जिम्मेदारी उठानी होगी। गौठानों और कांजी हाउस की ली जानकारी बैठक के दौरान मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश में चल रही गौशालाओं, गौठानों, कांजी हाउस और काउ-कैचर जैसी व्यवस्थाओं की मौजूदा स्थिति पर गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से इन संस्थानों की क्षमता, उपयोगिता और उन्हें और बेहतर बनाने के लिए सुझाव मांगे, ताकि निराश्रित पशुओं को एक सुरक्षित ठिकाना मिल सके। नेशनल हाईवे पर विशेष फोकस मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाली घातक दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हाईवे के किनारे बसे गांवों में पशुओं के प्रबंधन के लिए एक प्रभावी और व्यावहारिक मॉडल तुरंत विकसित किया जाए। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "हाईवे पर पशुओं की मौजूदगी सिर्फ जाम नहीं लगाती, बल्कि कई बार पूरे परिवार की जान ले लेती है। इस दिशा में प्राथमिकता से काम करना बेहद जरूरी है।"
पुनर्वास और चारे की होगी ठोस व्यवस्था बैठक में सड़क दुर्घटनाओं में आवारा पशुओं की भूमिका के आंकड़ों की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निराश्रित गौवंश की देखभाल, उनके लिए चारे की पर्याप्त उपलब्धता और उनके सुरक्षित पुनर्वास के लिए एक सुनियोजित रणनीति बनाने पर जोर दिया। नगरीय क्षेत्रों में काउ-कैचर की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान कृषि एवं पशुधन विकास विभाग की सचिव शहला निगार ने एक प्रस्तुतिकरण के माध्यम से प्रदेश की गौशालाओं और पशुधन विकास योजनाओं की ताजा स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। इस महत्वपूर्ण बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषर सिंह पटेल, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद व राहुल भगत, नगरीय प्रशासन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस. तथा लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  
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