औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी पंचायतों का विकास सवालों के घेरे में
OM Darpan
Jan 27, 2025 09:07 pm
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27 Jan 2025
धूल और धुएं के बीच बीमारियां, पर सीएसआर का लाभ नदारद औद्योगिक इकाइयों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को धूल, धुआं और बीमारियां ही मिली हैं। इन इकाइयों के सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड का लाभ ग्रामीणों तक नहीं पहुंचा है। हालांकि, हीरा ग्रुप और महिंद्रा स्पंज जैसी इकाइयों ने कुछ सराहनीय कार्य किए हैं, लेकिन यह प्रयास समग्र विकास के लिए अपर्याप्त हैं।पंचायत चुनाव में विधानसभा चुनाव से भी ज्यादा जोर औद्योगिक क्षेत्र से लगी पंचायतों में चुनाव के दौरान प्रचार-प्रसार में पैसा पानी की तरह बहाया जाता है। यहां पंचायत चुनावों में मुर्गा, मटन, शराब और नगदी का खुला खेल होता है। सरपंच बनने की होड़ में उम्मीदवार अपने सभी संसाधनों को झोंक देते हैं। औद्योगिक इकाइयों की छिपी भूमिका सूत्र बताते हैं कि पंचायत चुनावों में कुछ औद्योगिक इकाइयों की भी पर्दे के पीछे अहम भूमिका होती है। इनमें काम करने वाले स्थानीय लोग इन इकाइयों से प्रभावित होकर वोटिंग करते हैं।
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