दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंग देव ने दुर्ग में आयोजित एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भर भारत की ओर तेजी से अग्रसर है और इस संकल्प को पूर्ण करने में आम जनमानस की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। उन्होंने ‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान’ को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत की ओर
देव ने बताया कि हाल की ऐतिहासिक जीएसटी क्रांति और उससे पहले आयकर दरों में ऐतिहासिक छूट देकर, सभी तरह के कर कानूनों का सरलीकरण कर मोदी ने ‘विकसित भारत’ की राह को प्रशस्त किया है। नागरिकों को राहत, व्यापार सुगमता और कर सरलीकरण का अंतिम ध्येय भारत को विकसित बनाना, देश के 150 करोड़ नागरिकों का जीवन आसान बनाकर उनके जीवन को संवारना है।
आपदा को अवसर में बदलने का मंत्र
उन्होंने याद दिलाया कि कोरोना की वैश्विक महामारी के समय प्रधानमंत्री ने सबसे पहले ‘आत्मनिर्भर भारत’ का मंत्र दिया था। उस भयानक आपदा को भी ऐसा अवसर बना देना किसी चमत्कारिक नेतृत्व के वश की ही बात है। प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया ‘आत्मनिर्भर भारत’ का संकल्प सिर्फ एक संकल्प नहीं, बल्कि देशभक्ति की अभिव्यक्ति भी है।
‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ का लक्ष्य
देव ने कहा कि मोदी के इस मूलमंत्र को अपनाकर पार्टी ने आत्मनिर्भर भारत अभियान शुरू किया है। यह अभियान 25 सितंबर को पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती से प्रारंभ होकर 25 दिसंबर को छत्तीसगढ़ निर्माता, भारत रत्न श्रद्धेय अटल जी की जयंती तक चलेगा। ‘हर घर स्वदेशी, घर-घर स्वदेशी’ की भावना के साथ इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आत्मनिर्भर भारत संकल्प सम्मेलन और आत्मनिर्भर भारत संकल्प रथ यात्रा जैसी कई गतिविधियों की योजना बनाई गई है। इस अभियान का उद्देश्य ‘वोकल फॉर लोकल’ के संदेश को हर भारतीय तक पहुंचाना है।
रक्षा निर्यात और स्टार्ट-अप में भारत की धाक
पिछले एक दशक से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में स्वदेशी को लेकर जिस तेजी से काम हुआ है, उसका असर सैन्य उपकरणों के निर्यात से लेकर अंतरिक्ष और वैक्सीन हर जगह भारत की बढ़ती धाक में देखा जा सकता है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को देखें तो 2014 से पहले जहां हम बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर थे, वहीं अब आत्मनिर्भर होते हुए रक्षा निर्यातक बन चुके हैं। भारत का रक्षा निर्यात वित्त वर्ष 2014-15 में 1 हजार 941 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 23 हजार 622 करोड़ रुपये हो गया है। आज हमारे देश ने विश्व के तीसरे सबसे बड़े स्टार्ट अप इको सिस्टम के रूप में स्वयं को स्थापित कर लिया है, जहां 17 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं। भारत में 100 से अधिक यूनिकॉर्न आत्मनिर्भर भारत के संकल्प का प्रतीक हैं।
बाजारों में स्वदेशी के प्रति उत्साह
देव ने बताया कि जीएसटी सुधार लागू होने के बाद वे स्वयं बाजारों में जा रहे हैं। बाजारों में जो उत्साह देखने को मिल रहा है, वह अद्भुत है। उन्होंने बाजार भ्रमण के दौरान देखा कि लोगों में जीएसटी 2.0 और स्वदेशी उत्पादों को लेकर विशेष उत्साह है। व्यवसायी बंधुओं से भेंट कर उन्हें भी स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित किया गया, और सभी इस बात पर एकमत हैं कि स्वदेश निर्मित उत्पादों से आत्मनिर्भर होकर विकसित भारत का स्वप्न साकार होगा।
छत्तीसगढ़ बनेगा आत्मनिर्भर भारत का अग्रणी राज्य
वर्तमान में भारत विश्व की चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था है और इस दशक के अंत तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। छत्तीसगढ़ का जीएसडीपी भी पांच वर्ष में दुगुना कर उसे 10 लाख करोड़ करने का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है। यह लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक शासन और दूरदर्शी सुधारों से संभव होगा। देव ने कहा कि छत्तीसगढ़ इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ आत्मनिर्भर भारत का अग्रणी राज्य बने। इसके लिए स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की रणनीति पर कार्य किया जा रहा है। यहां की समृद्ध संस्कृति, परंपरागत कला, शिल्प और संसाधन आत्मनिर्भरता के सशक्त उदाहरण हैं। बस्तर की लोक कला, चांपा का कोसा और जशपुर की कॉफी अब राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं। महिला स्व-सहायता समूहों ने हर्बल उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया है। जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा रहा है।
स्वदेशी अपनाएं
प्रधानमंत्री ने देशवासियों से आह्वान किया है कि हर भारतीय गर्व से कहे ‘मैं स्वदेशी खरीदता हूँ, मैं स्वदेशी बेचता हूँ’। ‘गर्व से कहो यह स्वदेशी है’ यही भावना आत्मनिर्भर भारत का मूल है। दैनिक जीवन में स्वदेशी वस्तुओं का अधिक से अधिक प्रयोग देशभक्ति और राष्ट्र की सेवा का भी माध्यम है। देव ने पत्रकार मित्रों के माध्यम से प्रदेशवासियों एवं दुर्ग जिला वासियों से आह्वान किया कि दीपावली और आगामी त्योहारों के अवसर पर यह सुनहरा मौका है जब हम स्वदेशी वस्तुओं को अपनाकर बचत भी करें और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाएं। उन्होंने सभी से मिलकर आत्मनिर्भर भारत का संकल्प लेने का आग्रह किया।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश महामंत्री नवीन मारकंडेय, जिला भाजपा अध्यक्ष सुरेंद्र कौशिक, पुरुषोत्तम देवांगन, दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, पूर्व केबीनेट मंत्री रमशीला साहू, प्रदेश प्रवक्ता के.एस.चौहन, भाजपा जिला महामंत्री एवं कार्यक्रम जिला संयोजक दिलीप साहू, भिलाई जिला भाजपा मंत्री एवं कार्यक्रम के जिला संयोजक दिलीप जायसवाल, जिला भाजपा मीडिया प्रभारी राजा महोबिया उपस्थित रहे।









