-
भद्रीपाली के किसान सम्मेलाल सिदार ने टमाटर और बैंगन की फसल में लागत घटाकर बेहतर उत्पादन हासिल किया, मुख्यमंत्री का जताया आभार
सक्ती। शासन द्वारा आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियां अपनाने के प्रोत्साहन का सकारात्मक प्रभाव सक्ती जिले में स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। सक्ती विकासखंड के ग्राम भद्रीपाली के प्रगतिशील किसान सम्मेलाल सिदार ने अपनी 5 से 6 एकड़ कृषि भूमि में नैनो यूरिया का उपयोग कर कम लागत में बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त किया है। वे अपनी आय बढ़ाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
सिदार मुख्य रूप से बैंगन, टमाटर सहित विभिन्न प्रकार की सब्जियों की खेती करते हैं। पिछले वर्ष उन्होंने अपनी फसल में नैनो यूरिया का उपयोग किया था। इसके परिणामस्वरूप पौधों की बढ़वार बेहतर हुई और फसल की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आया। रासायनिक उर्वरकों पर होने वाला खर्च कम होने से खेती की लागत घटी, जिससे उन्हें अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ।
▬ अन्य किसानों को कर रहे प्रेरित ▬
शुरुआत में नैनो यूरिया के उपयोग को लेकर सिदार के मन में कुछ संदेह था, लेकिन फसल में मिले सकारात्मक परिणामों ने उनका विश्वास मजबूत कर दिया। अब वे अपने अनुभव गांव एवं आसपास के अन्य किसानों के साथ साझा कर रहे हैं। वे लगातार अन्य किसानों को भी आधुनिक कृषि तकनीकों एवं नैनो यूरिया के उपयोग के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
▬ मुख्यमंत्री और कृषि विभाग का जताया आभार ▬
सिदार ने बताया कि बदलते समय के साथ किसानों को वैज्ञानिक तकनीकें अपनाने की आवश्यकता है। नैनो यूरिया से खेती की लागत कम करने के साथ गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। नैनो यूरिया के उपयोग से मिले सकारात्मक परिणामों के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया है।








