भिलाई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने मंगलवार सुबह छत्तीसगढ़ में सात ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। इस कार्रवाई में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पीए केके चंद्राकर उर्फ कृष्ण कुमार चंद्रवंशी का भिलाई स्थित आवास भी शामिल है। सुबह करीब छह बजे कई गाड़ियों में पहुंची ईडी की टीम ने अचानक तलाशी शुरू की, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया।
जानकारी के मुताबिक, ईडी की टीम घर के अंदर दस्तावेजों और अन्य जरूरी सामान की गहन जांच कर रही है। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए घर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सुबह-सुबह केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम के पहुंचने के बाद आसपास के इलाके में लोगों की आवाजाही और गतिविधियां बढ़ गईं। हालांकि, यह तलाशी किस विशिष्ट मामले में चल रही है, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
12 दिन पहले भी हुई थी दबिश
बता दें कि करीब 12 दिन पहले भी ईडी ने रायपुर, दुर्ग, भिलाई और धमतरी में शराब घोटाले को लेकर छापेमारी की थी। केके चंद्रवंशी के घर पर हुई इस ताजा कार्रवाई के बाद पूर्व सीएम भूपेश बघेल से जुड़े पुराने मामलों की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले कुछ सालों में केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई बघेल के राजनीतिक और प्रशासनिक दायरे से जुड़े कई लोगों तक पहुंच चुकी है।
बेटे चैतन्य की हो चुकी है गिरफ्तारी
यह मामला साल 2025 में उस समय और चर्चा में आया था, जब शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में ईडी ने भिलाई स्थित भूपेश बघेल के घर की तलाशी ली थी। 18 जुलाई 2025 को हुई उस कार्रवाई के बाद ईडी ने भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था। एजेंसी के मुताबिक, यह कार्रवाई कथित 2,100 करोड़ रुपए के शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई थी।
राजनीतिक और प्रशासनिक दायरे पर नजर
इससे पहले साल 2023 में भी ईडी ने तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल के राजनीतिक सलाहकार विनोद वर्मा और उनके दो ओएसडी के परिसरों पर तलाशी ली थी। उस समय एजेंसी की कार्रवाई को ऑनलाइन सट्टेबाजी और कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी जांच के संदर्भ में बताया गया था। अब पूर्व सीएम के पीए रहे केके चंद्रवंशी के आवास पर ईडी की दबिश के बाद जांच को लेकर नए सवाल उठ रहे हैं।









