दीपावली पर आगजनी की रोकथाम के लिए प्रशासन हुआ अलर्ट, दुकानदारों को दिए सख्त निर्देश
मुख्य बातें (Highlights):
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पटाखा दुकानों का निर्माण अब टिन शेड में ही किया जाएगा।
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बांस, बल्ली व कपड़े से बनी दुकानें पूर्णतः प्रतिबंधित।
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हर दुकान में 5 किलो क्षमता का डीसीपी अग्निशमन यंत्र अनिवार्य।
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दुकानों के बीच कम से कम तीन मीटर की दूरी रहेगी।
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उल्लंघन पर छत्तीसगढ़ अग्निशमन व आपातकालीन सेवाएं नियमावली 2021 के तहत कार्रवाई।
दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
दीपावली पर्व के दौरान आगजनी की घटनाओं पर नियंत्रण के लिए दुर्ग प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। नगर सेना, अग्निशमन व आपातकालीन सेवाएं तथा एसडीआरएफ मुख्यालय, जहाल नगर (नया रायपुर) की ओर से जिले में संचालित सभी स्थायी व अस्थायी पटाखा दुकानों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की गई है।
एडवाइजरी में स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि पटाखा दुकानें अब बांस, बल्ली या कपड़े से नहीं बनाई जाएंगी, बल्कि अज्वलनशील सामग्री से बने टिन शेड में ही लगाई जाएंगी। प्रत्येक दुकान में 5 किलो क्षमता का डीसीपी अग्निशमन यंत्र अनिवार्य रूप से रखा जाना आवश्यक है।
अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह ने दी जानकारी
जिला सेनानी व अग्निशमन अधिकारी नागेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि पटाखा दुकानों में किसी भी प्रकार की ज्वलनशील सामग्री का उपयोग वर्जित है।
प्रत्येक दुकान के बीच तीन मीटर की दूरी अनिवार्य होगी और सामने-सामने दुकानें नहीं लगाई जाएंगी।
उन्होंने कहा कि तेल के दीपक, गैस लैम्प या खुली बिजली बत्ती का उपयोग प्रतिबंधित है। विद्युत तारों में कोई खुला जोड़ नहीं होना चाहिए और मास्टर स्विच में फ्यूज या सर्किट ब्रेकर लगाना जरूरी है ताकि शॉर्ट सर्किट की स्थिति में विद्युत प्रवाह स्वतः बंद हो सके।
सुरक्षा के लिए अनिवार्य दिशा-निर्देश
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दुकानें ट्रांसफार्मर या हाई टेंशन लाइन के नीचे न लगें।
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हर दुकान में 5 किलो क्षमता वाला डीसीपी अग्निशमन यंत्र हो।
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दुकानों के सामने 200 लीटर पानी के ड्रम व बाल्टियां रखी जाएं।
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वाहन पार्किंग दुकान के आसपास प्रतिबंधित रहे।
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अग्निशमन व एम्बुलेंस के फोन नंबर स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं।
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अग्निशमन वाहन के लिए पर्याप्त मार्ग छोड़ा जाए।
🔹 आमजन के लिए सावधानी के सुझाव
एडवाइजरी में नागरिकों से कहा गया है कि केवल लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं से ही पटाखे खरीदें, और यह सुनिश्चित करें कि वे स्वीकृत ब्रांड व गुणवत्ता वाले हों।
पटाखे खुले मैदानों या पार्कों में ही जलाएं, घरों या इमारतों के पास नहीं।
पास में पानी की बाल्टी या रेत का ड्रम रखें, और सूती वस्त्र पहनें।
यदि कोई पटाखा नहीं जले तो तुरंत दोबारा न जलाएं, कुछ देर बाद सुरक्षित तरीके से निपटान करें।
किसी को जलने या चोट लगने की स्थिति में तत्काल चिकित्सक की सलाह लें।
🔹 कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि एडवाइजरी का उल्लंघन करने पर छत्तीसगढ़ अग्निशमन व आपातकालीन सेवाएं नियमावली 2021 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।









