आरक्षक अनुशासनहीनता पर कड़ी कार्यवाही, सेवा से किया गया पृथक
OM Darpan
Oct 07, 2024 12:25 am
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07 Oct 2024
अंबिकापुर (पंकज शुक्ला)।
सरगुजा पुलिस अधीक्षक ने अनुशासनहीनता और निजी स्वार्थ के चलते घोर कदाचरण प्रदर्शित करने वाले आरक्षक समीनुल हसन फिरदौसी (आरक्षक क्रमांक 88, रक्षित केंद्र, अंबिकापुर) को सेवा से पृथक कर दिया है। पुलिस अधीक्षक सरगुजा योगेश पटेल (भा.पु.से.) द्वारा यह आदेश जारी किया गया, जिसमें आरक्षक समीनुल हसन फिरदौसी पर अनुशासनहीनता और व्यक्तिगत स्वार्थों के लिए विभागीय नियमों के उल्लंघन के आरोप सिद्ध हुए।
सरगुजा पुलिस ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को जनता के प्रति विनम्र व्यवहार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि जिले में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके। साथ ही, अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने और अनुशासनहीनता की स्थिति में सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं।
आरोप और विभागीय जांच
आरक्षक समीनुल हसन फिरदौसी पर निम्नलिखित आरोप लगाए गए थे:- आरोप 1: फरियादी सैय्यद आलम (निवासी चोपड़ापारा, अंबिकापुर) के साथ गाली-गलौज कर मारपीट करने और झूठे केस में फंसाने की धमकी देना, जो कि पुलिस रेगुलेशन के पैरा क्रमांक 64(2) एवं 64(4) तथा सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के उपनियम (1) का उल्लंघन है।
- आरोप 2: आवेदिका रेशमा परवीन, आयुष सिन्हा और रेहान अहमद को निजी स्वार्थ के चलते अपशब्दों का प्रयोग कर धमकाना और गाली देना, जिससे अनुशासनहीनता प्रदर्शित हुई।
सेवा से पृथक का आदेश
आरोपी आरक्षक को अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया गया, लेकिन उनके द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। जांच में प्रमाणित आरोपों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, आरक्षक क्रमांक 88 समीनुल हसन फिरदौसी को सेवा से पृथक करने का आदेश जारी किया गया। साथ ही, उनकी निलंबन अवधि (06 दिसंबर 2023 से 08 अगस्त 2024) के 246 दिवसों को निलंबन अवधि में शामिल किया गया।[pdf_embed url="https://omdarpan.com/wp-content/uploads/2024/10/CamScanner-10-06-2024-11.39.pdf"]
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