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1860 में दशहरे के दिन स्व. लाल बहादुर माहेश्वरी प्रशाद सिंहदेव के निधन से घोषित हुआ शोक दिवस, दूसरे दिन होता है रावण दहन

  अंबिकापुर (पंकज शुक्ला)। सरगुजा संभाग के लखनपुर शहर में पिछले 80 सालों से दशहरा के दूसरे दिन रावण दहन की परंपरा निभाई जा रही है। इसके पीछे कई किवदंतियां हैं, लेकिन इस परंपरा का असली कारण 1860 में दशहरे के दिन राजपरिवार के लाल बहादुर माहेश्वरी प्रशाद सिंहदेव का निधन है। इस घटना के … Read more