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RJD ने EVM पर फोड़ा ठीकरा
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पटना में राजद विधायकों की बैठक में निर्णय
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हार के लिए EVM हैकिंग और चुनाव आयोग को बताया जिम्मेदार
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लालू की बेटी रोहिणी के आरोपों पर साधी चुप्पी
पटना.
बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने राघोपुर से नवनिर्वाचित विधायक तेजस्वी यादव को एक बार फिर विधायक दल का नेता चुन लिया है। इसके साथ ही उनका विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनना तय हो गया है। यह निर्णय पटना स्थित तेजस्वी यादव के आवास पर राजद विधायकों की बुलाई गई बैठक में लिया गया।
यह बैठक मुख्य रूप से चुनाव में महागठबंधन की हार की समीक्षा के लिए आयोजित की गई थी।
हार का ठीकरा EVM और आयोग पर
बैठक में गहन चर्चा के बाद पार्टी की हार के लिए ईवीएम हैकिंग और चुनाव आयोग के पक्षपातपूर्ण रवैये को जिम्मेदार ठहराया गया। गौरतलब है कि बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से एनडीए ने 202 सीटों पर भारी जीत दर्ज की, जबकि महागठबंधन महज 35 सीटों पर सिमट गया। राजद का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और पार्टी को केवल 25 सीटें ही मिल पाईं।
बैठक में मौजूद रहे संजय यादव
समीक्षा बैठक में तेजस्वी के करीबी सहयोगी संजय यादव भी मौजूद थे। संजय यादव वही नेता हैं, जिन पर लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने पार्टी के खराब प्रदर्शन के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदारी डाली थी। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, बैठक में रोहिणी आचार्य द्वारा उठाए गए मुद्दों या उनके द्वारा परिवार से संबंध तोड़ने को लेकर कोई चर्चा नहीं की गई।
रोहिणी के गंभीर आरोप, पार्टी में चुप्पी
रोहिणी आचार्य ने हाल ही में राजद से इस्तीफा देने और अपने परिवार से नाता तोड़ने की घोषणा की थी। उन्होंने अपने भाई तेजस्वी और उनके करीबी सहयोगियों (संजय यादव और रमीज) पर उन्हें “गाली-गलौज” करने तथा घर से बाहर निकालने का गंभीर आरोप लगाया था।
रविवार को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई कई भावुक पोस्ट में, 47 वर्षीय आचार्य ने कहा कि वह अपने पिता को “गंदी किडनी” देने के लिए “शापित” हैं और अब “अनाथ” महसूस कर रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि जब उन्होंने हालिया चुनावों में हार की जवाबदेही की मांग की, तो उन पर चप्पल फेंकी गई। रोहिणी ने विवाहित महिलाओं को सलाह दी कि अगर परिवार में बेटा है तो वे अपने पिता के लिए अपनी जान जोखिम में न डालें।









