दिल्ली के सियासी गलियारों में हलचल: थरूर लगातार दूसरी बड़ी बैठक से नदारद, कांग्रेस बोली- सब ठीक है
नई दिल्ली।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर और पार्टी आलाकमान के बीच सब कुछ ठीक न होने की चर्चाओं ने सियासी गलियारे में जोर पकड़ लिया है। मंगलवार को सोनिया गांधी के आवास पर आयोजित पार्टी की बेहद अहम हाई-लेवल मीटिंग से शशि थरूर नदारद रहे। पिछले चार दिनों में यह दूसरा मौका है जब थरूर कांग्रेस की बड़ी बैठकों में शामिल नहीं हुए। इससे पहले केरल विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा के लिए बुलाई गई बैठक से भी उन्होंने दूरी बनाई थी।
देरी से मिले निमंत्रण का दिया हवाला
बैठक में शामिल न होने पर सफाई देते हुए तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सांसद शशि थरूर ने कहा कि उन्हें बैठक का निमंत्रण बहुत देर से मिला था। थरूर ने तर्क दिया कि रणनीतिक बैठक का आमंत्रण महज एक-दो दिन पहले मिलने के कारण वे अपनी पहले से तय यात्रा योजना में बदलाव नहीं कर सके। वे उस वक्त बजट सत्र से पहले दुबई से लौट रहे थे और उनकी उड़ान पहले से बुक थी। थरूर मंगलवार देर रात दिल्ली पहुंचे।
सीपीएम की ओर झुकाव पर चुप्पी
पत्रकारों से बातचीत के दौरान जब थरूर से सीपीएम की ओर उनके बढ़ते झुकाव के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इस पर कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। हालांकि, उन्होंने यह स्वीकार किया कि दुबई यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात सीपीएम से जुड़े कुछ लोगों से हुई थी, लेकिन इसे उन्होंने सामान्य बताया। वहीं सीपीएम ने भी इन चर्चाओं को केवल अटकलबाजी करार दिया है।
कांग्रेस नेतृत्व के सामने रखेंगे अपनी बात
शशि थरूर ने स्पष्ट किया कि बजट सत्र के दौरान वे जो भी मुद्दे उठाना चाहते हैं, उन्हें सीधे पार्टी नेतृत्व के सामने रखेंगे। उन्होंने कहा, “इसमें कोई संदेह नहीं है कि मुझे अवसर मिलेगा, खासकर तब जब संसद सत्र के दौरान सभी नेता एक साथ होंगे।” कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, थरूर ने बैठक में न आ पाने की सूचना पार्टी को पहले ही दे दी थी।
सोनिया गांधी के आवास पर हुई इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी के अलावा वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम, जयराम रमेश, प्रमोद तिवारी और मनीष तिवारी शामिल हुए। कांग्रेस ने थरूर के पार्टी छोड़ने की खबरों को नकारते हुए कहा कि वे वरिष्ठ नेता हैं और आंतरिक मुद्दों को सुलझा लिया जाएगा।
आज से शुरू होगा बजट सत्र
संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। इसका पहला चरण 13 फरवरी तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक निर्धारित है।









