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₹8 लाख की लागत से निर्मित भवन में बच्चों के लिए सुरक्षित और सुविधायुक्त वातावरण तैयार
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दीवारों पर उकेरी गई रंगीन पेंटिंग्स से बढ़ा बच्चों का उत्साह, स्थानीय श्रमिकों को मिला रोजगार
मुंगेली। मुंगेली जिले के ग्राम पंचायत बछेरा में मनरेगा के तहत निर्मित आंगनबाड़ी केन्द्र क्रमांक-04 का नया भवन ग्रामीण क्षेत्र में बाल विकास और मातृ-शिशु सेवाओं के लिए मील का पत्थर साबित हो रहा है। लगभग 8 लाख रुपये की लागत से तैयार यह भवन अब गांव के नौनिहालों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और आकर्षक वातावरण उपलब्ध करा रहा है।
इससे पहले यह केंद्र सीमित सुविधाओं वाले पुराने भवन में संचालित होता था, जिससे बच्चों के बैठने, खेलने और शैक्षणिक गतिविधियों में काफी परेशानी होती थी। अब आधुनिक भवन मिलने से इन समस्याओं का समाधान हो गया है और आंगनबाड़ी की गतिविधियों का संचालन बेहतर ढंग से हो रहा है।
लर्निंग कॉर्नर के रूप में विकसित हुई दीवारें
भवन को विशेष रूप से बच्चों के अनुकूल डिजाइन किया गया है। दीवारों पर फल-सब्जियां, अक्षर ज्ञान और रंग-बिरंगे चित्रों के माध्यम से आकर्षक पेंटिंग बनाई गई हैं। इस मनमोहक वातावरण के कारण बच्चों में आंगनबाड़ी आने के प्रति उत्साह बढ़ा है और खेल-आधारित गतिविधियों से उनके सीखने की रुचि में भी इजाफा हुआ है।
पोषण के साथ स्वास्थ्य सेवाओं का बना केंद्र
नया भवन अब केवल पोषण आहार वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बच्चों के सर्वांगीण विकास, स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण का महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। यहां गर्भवती एवं धात्री माताओं को भी नियमित रूप से स्वास्थ्य, पोषण और देखभाल संबंधी आवश्यक परामर्श और जानकारी प्रदान की जा रही है।
रोजगार सृजन के साथ भविष्य की तैयारी
मनरेगा के माध्यम से हुए इस निर्माण ने ग्रामीण विकास की दोहरी तस्वीर पेश की है। इससे जहां स्थानीय श्रमिकों को रोजगार मिला, वहीं गांव को बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए एक स्थायी सामुदायिक संपत्ति प्राप्त हुई। ग्रामीणों का मानना है कि इस पहल से अभिभावकों का आंगनबाड़ी के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।









