अंबिकापुर।
अंबिकापुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। वायरल वीडियो के अनुसार, अंबिकापुर के मणिपुर थाना प्रभारी उप निरीक्षक अखिलेश सिंह को रायपुर निवासी नंद कुमार सोनी की पत्नी तृप्ति सोनी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा गया। तृप्ति सोनी वर्तमान में शासकीय नर्सिंग कॉलेज अंबिकापुर में प्राचार्य के पद पर पदस्थ है।
पति ने लगाया दरवाजे पर ताला
नंद कुमार सोनी ने गांधी नगर थाना में आवेदन पत्र प्रस्तुत कर बताया कि उनकी पत्नी तृप्ति सोनी शासकीय आवास पॉलिटेक्निक कॉलेज के पीछे निवास करती हैं। जब वह वहां पहुंचे तो शासकीय आवास के बाहर एक डिजायर कार क्रमांक सीजी 04 एमए 9996 खड़ी मिली, जो मणिपुर थाना प्रभारी उप निरीक्षक अखिलेश सिंह की है।
नंद कुमार सोनी ने जब आवास के भीतर झांका तो उन्होंने सब इंस्पेक्टर अखिलेश सिंह को अंदर जाते देखा। उन्होंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन दरवाजा नहीं खोला गया। इसके बाद उन्होंने 112 डायल पर सूचना दी।
पुलिस के आला अधिकारी भी पहुंचे मौके पर
मौके पर सबसे पहले गांधी नगर थाना प्रभारी गौरव पांडेय पहुंचे। उन्होंने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया लेकिन दरवाजा नहीं खोला गया। इसके बाद कोतवाली थाना प्रभारी मनीष सिंह परिहार मौके पर पहुंचे। मनीष सिंह परिहार ने भी दरवाजा खुलवाने का प्रयास नहीं किया बल्कि नंद कुमार सोनी को बातों में उलझाकर रखा और धमकी दी।
इसी बीच का फायदा उठाकर तृप्ति सोनी और अखिलेश सिंह को शासकीय आवास से बाहर निकालकर भगा दिया गया। जब नंद कुमार सोनी ने वाहन को जब्त करने की मांग की तो एक आरक्षक के माध्यम से वाहन को मौके से हटा दिया गया।
मामला दर्ज करने से किया इनकार
इसके बाद नंद कुमार सोनी को गांधी नगर थाना बुलाया गया और मामला दर्ज कराने को कहा गया। लेकिन कोतवाली थाना प्रभारी मनीष सिंह परिहार वहां पहुंच गए और जब उनसे अखिलेश सिंह व वाहन के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “कौन अखिलेश सिंह? कैसा वाहन? तुम न्यायालय के शरण में जाओ।” और नंद कुमार सोनी को भगा दिया गया।
आम जनता का भरोसा डगमगाया
नंद कुमार सोनी ने मणिपुर थाना प्रभारी उप निरीक्षक अखिलेश सिंह व कोतवाली थाना प्रभारी मनीष सिंह परिहार के खिलाफ मामला दर्ज करने की गुहार लगाई है।
यह बेहद आश्चर्य की बात है कि एक शासकीय नर्सिंग कॉलेज की प्राचार्य तृप्ति सोनी, जो छात्राओं को शिक्षा देती हैं, स्वयं इस प्रकार के आचरण में लिप्त पाई गईं। वहीं उप निरीक्षक अखिलेश सिंह, जिन पर आम जनता अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भरोसा करती है, वह भी इस शर्मनाक कृत्य में शामिल पाए गए। ऐसे लोगों पर जनता का विश्वास उठता नजर आ रहा है।
पुलिस अधीक्षक का बयान
पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार अग्रवाल ने मामले की गंभीरता को स्वीकारते हुए कहा है कि मामला संज्ञान में लिया गया है, जांच कराई जा रही है और जांच उपरांत कार्रवाई की जाएगी।






