- कोरोना की रफ्तार बनी चिंता की वजह
नई दिल्ली।
देश में कोरोना संक्रमण एक बार फिर डराने लगा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, बीते 48 घंटों में 769 नए संक्रमित मरीज सामने आए हैं, जिससे सक्रिय मामलों की संख्या 6,133 तक पहुंच गई है। बीते 24 घंटे में छह लोगों की संक्रमण से मौत भी हो चुकी है।
केरल सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य
देश में सबसे ज्यादा कोरोना के मामले केरल में दर्ज किए गए हैं। यहां सक्रिय मामलों की संख्या 1950 है और बीते 24 घंटे में 144 नए केस सामने आए हैं।
इसके अलावा अन्य राज्यों में सक्रिय केस इस प्रकार हैं:
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गुजरात: 822
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दिल्ली: 686
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महाराष्ट्र: 595
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कर्नाटक: 366
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उत्तर प्रदेश: 219
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तमिलनाडु: 194
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राजस्थान: 132
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हरियाणा: 102
24 घंटे में 6 लोगों की जान गई
बीते 24 घंटे में छह लोगों की मौत हुई है:
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केरल में तीन मौतें:
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मृतकों की उम्र क्रमशः 51, 64 और 92 वर्ष थी।
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तीनों पुरुष पहले से कई बीमारियों से ग्रसित थे।
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कर्नाटक में दो मौतें:
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मृतक पुरुषों की उम्र 51 और 78 वर्ष थी।
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दोनों को पूर्व से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थीं।
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तमिलनाडु में एक मौत:
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42 वर्षीय पुरुष संक्रमित की जान गई।
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जनवरी से अब तक 65 मौतें
इस साल जनवरी से अब तक देश में कुल 65 मौतें दर्ज की गई हैं। 22 मई को देश में कुल 257 सक्रिय केस थे, जो अब बढ़कर 6000 के पार पहुंच गए हैं। हालांकि, अधिकांश मामले हल्के हैं और मरीज घर पर ही आइसोलेशन में ठीक हो रहे हैं।
केंद्र सरकार कर रही मॉक ड्रिल
बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि वे ऑक्सीजन, आइसोलेशन बेड, वेंटिलेटर और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें। सुविधा-स्तर की तैयारियों को जांचने के लिए मॉक ड्रिल कराई जा रही है।
2 और 3 जून को हुई महत्वपूर्ण बैठकें
2 और 3 जून को स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ. सुनीता शर्मा की अध्यक्षता में कई तकनीकी समीक्षा बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में शामिल थे:
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आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ
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आपातकालीन प्रबंधन प्रतिक्रिया (EMR) प्रकोष्ठ
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राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC)
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भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR)
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एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP)
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केंद्र सरकार के अस्पतालों और सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधि
बैठकों में देश की मौजूदा कोरोना स्थिति और तैयारियों का आकलन किया गया।
ILI और SARI मामलों की बारीकी से निगरानी
4 जून को एक आधिकारिक सूत्र ने जानकारी दी कि IDSP के अंतर्गत राज्य और जिला निगरानी इकाइयां इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (ILI) और गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (SARI) के मामलों की कड़ी निगरानी कर रही हैं।
दिशानिर्देशों के अनुसार:
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सभी भर्ती SARI मामलों और
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5 प्रतिशत ILI मामलों का परीक्षण किया जाना आवश्यक है।
सकारात्मक पाए गए SARI नमूनों को ICMR VRDL नेटवर्क के माध्यम से जीनोम अनुक्रमण के लिए भेजा जा रहा है।








