पटना (om darpan)।
देश के करोड़ों छात्रों के बीच लोकप्रिय शिक्षक खान सर आज किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। खान सर का सफर संघर्ष, मेहनत और शिक्षा के प्रति अटूट समर्पण की एक बड़ी मिसाल माना जाता है। कभी बेहद मामूली कमाई से अपना जीवन चलाने वाले खान सर आज शिक्षा जगत का एक बहुत बड़ा नाम बन चुके हैं और अक्सर उनकी संपत्ति व प्रोजेक्ट्स को लेकर चर्चाएं होती रहती हैं।
संघर्ष से शुरू हुई कहानी
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले खान सर, जिनका असली नाम फैजल खान बताया जाता है, ने बेहद साधारण परिस्थितियों में अपने जीवन की शुरुआत की थी। शुरुआती दिनों में अपने खर्च पूरे करने के लिए उन्होंने होम ट्यूशन भी पढ़ाया। कहा जाता है कि एक समय ऐसा भी था जब उनकी कमाई मात्र 40 रुपये प्रतिदिन तक सीमित थी। लेकिन आर्थिक चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने शिक्षा को अपना लक्ष्य बनाया और लगातार मेहनत करते रहे।
पढ़ाने का देसी अंदाज बनी सबसे बड़ी ताकत
खान सर की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण उनके पढ़ाने का अनोखा तरीका है। जटिल विषयों को बेहद आसान और देसी भाषा में समझाने की उनकी कला ने उन्हें छात्रों का पसंदीदा शिक्षक बना दिया। आज प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले लाखों छात्र उन्हें अपना मार्गदर्शक मानते हैं। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
यूट्यूब और कोचिंग से मिली नई पहचान
डिजिटल दौर में उनका यूट्यूब चैनल उनकी सफलता का बहुत बड़ा आधार बना। करोड़ों सब्सक्राइबर्स वाले उनके चैनल पर वीडियो अपलोड होते ही लाखों व्यूज आते हैं। इसके अलावा, पटना समेत कई शहरों में संचालित उनके कोचिंग संस्थानों, ऑनलाइन कोर्स, मोबाइल ऐप और शैक्षणिक सामग्री ने उनकी पहुंच को और भी व्यापक बना दिया है।
जमीन, बड़े प्रोजेक्ट्स और अस्पताल से खींचा ध्यान
हाल के वर्षों में वे शिक्षा से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट्स को लेकर भी सुर्खियों में रहे हैं। भोजपुर जिले में बड़ी जमीन खरीदकर वहां गरीब छात्रों के लिए ‘शिक्षा टाउनशिप’ विकसित करने की उनकी योजना ने काफी सुर्खियां बटोरी थीं। हालांकि, स्थानीय विवादों के चलते फिलहाल इस परियोजना पर काम आगे नहीं बढ़ पाया है।
इसके अलावा, खान सर तब भी चर्चा में आए जब उन्होंने पटना में एक चैरिटेबल हेल्थकेयर (अस्पताल) पहल की शुरुआत की। अत्याधुनिक मेडिकल मशीनों और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सामने आई इस जानकारी के बाद, शिक्षा के साथ-साथ समाजसेवा के क्षेत्र में भी उनकी सक्रियता की काफी सराहना हुई।
संपत्ति से बड़ी है छात्रों के विश्वास की पूंजी
विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स में खान सर की नेटवर्थ (संपत्ति) करोड़ों रुपये बताई जाती है, हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यूट्यूब, कोचिंग संस्थान, ऑनलाइन शिक्षा प्लेटफॉर्म और किताबों को उनकी आय का प्रमुख स्रोत माना जाता है। इन सबके बावजूद, खान सर का सफर यह साबित करता है कि उनकी सबसे बड़ी पूंजी उनकी लोकप्रियता, छात्रों का भरोसा और शिक्षा के क्षेत्र में उनके द्वारा बनाया गया प्रभाव है। यही वजह है कि करोड़ों की संपत्ति की चर्चाओं के बीच भी वे खुद को सबसे पहले एक शिक्षक के रूप में ही पहचानते हैं।









