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तौल मशीन की पूजा कर संभागायुक्त व कलेक्टर ने धान खरीदी का किया उद्घाटन
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श्रीफल भेंट कर किसानों का किया स्वागत
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पहले दिन जिले के 88 उपार्जन केंद्रों में 60 हजार क्विंटल धान की खरीदी
दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
छत्तीसगढ़ में किसानों के पर्व यानि धान खरीदी की शुरुआत हो चुकी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार जिले के धान खरीदी केंद्रों में व्यवस्थाओं को अपग्रेड कर किसानों को बेहतर सुविधा देने के लिए उन्नत तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इसी कड़ी में संभागायुक्त सत्यनारायण राठौर व कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया।
सेवा सहकारी समिति मर्यादित करंजा के करंजा भिलाई स्थित उपार्जन केंद्र में तौल मशीन की पूजा कर धान खरीदी का शुभारंभ किया गया। इस दौरान, संभागायुक्त राठौर व कलेक्टर चौधरी ने किसानों की उपस्थिति में निर्धारित समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की प्रक्रिया शुरू की। टोकन प्राप्त 4 किसानों से 288 क्विंटल धान खरीदकर इस अभियान की शुरुआत हुई। सर्वप्रथम किसान भोला साहू ने धान बेचा। संभागायुक्त व कलेक्टर ने श्रीफल भेंट कर किसानों का स्वागत किया। इसके अलावा ग्राम पंचायत करंजा, समुदा, जिंजरी और बासिन की 4 ग्राम पंचायतों के 10 किसानों ने धान बेचा। इसी प्रकार कोड़िया ग्राम पंचायत में स्थित सहकारी समिति में 15 किसानों के माध्यम से 903.60 क्विंटल धान बेचा गया।
पहले दिन जिले के 88 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की शुरुआत हुई, जिनमें टोकन प्राप्त 1206 किसानों से 60 हजार क्विंटल धान खरीदा गया। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 14 नवंबर से 31 जनवरी 2025 तक की जाएगी। छत्तीसगढ़ राज्य में किसानों से धान खरीदी की अधिकतम सीमा 21 क्विंटल प्रति एकड़ निर्धारित की गई है। जिले में 87 सहकारी समितियों के 102 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से खरीफ वर्ष 2024-25 में पंजीकृत 1,14,651 किसानों से अनुमानित 6,48,484 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया जाएगा। पिछले वर्ष 1,05,778 किसानों से 5,87,369 मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया था।
धान खरीदी के लिए लघु व सीमांत किसानों को अधिकतम दो टोकन और बड़े किसानों को तीन टोकन की पात्रता है। पारदर्शिता लाने के लिए इलेक्ट्रानिक तराजू से ही तौल की जा रही है। समितियों में किसानों की सुविधा के लिए माइक्रो एटीएम की व्यवस्था की गई है। बैंकों में भीड़ से बचने के लिए किसानों के बैंक एटीएम की लिमिट को 20 हजार से बढ़ाकर 40 हजार कर दिया गया है। सभी सोसाइटीज में माइक्रो एटीएम से 10 हजार तक का आहरण किया जा सकता है। किसानों द्वारा समिति में धान विक्रय के 72 घंटे के भीतर राशि किसानों के बैंक खाते में जमा कर दी जाएगी। उपार्जन केंद्रों में किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा गया है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने जिला सहकारी बैंक के अधिकारी को राज्य शासन द्वारा निर्धारित धान खरीदी की दर से किसानों को भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान एडीएम अरविंद एक्का, एसडीएम हरिवंश सिंह मिरी, अपर कलेक्टर मुकेश रावटे, प्रभारी खाद्य नियंत्रक टी.एस. अत्रि, जनप्रतिनिधि और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।