उरला (सत्यानंद सोई)।
11 मई 2025, रविवार रात उरला बाजार में एक गंभीर घटना घटित हुई, जिसमें एक सब्जी व्यापारी से छिनाझपटी कर मारपीट की गई। घायल व्यापारी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, और फिलहाल उनका इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद, उरला बाजार के सब्जी व्यापारी बेहद चिंतित हैं और उन्होंने बाजार बंद कर अपना विरोध जताया।

व्यापारी वर्ग की सुरक्षा को लेकर उठाई गई मांग
उरला बाजार में हर सप्ताह गुरुवार और रविवार को सब्जी बाजार लगता है, जिसमें सब्जी व्यापारी और खरीदार दोनों ही शामिल होते हैं। व्यापारी वर्ग का आरोप है कि इन बाजारों में आए दिन छिनाझपटी, मारपीट और अपराध की घटनाएं हो रही हैं। इन घटनाओं की शिकायत बार-बार की जा चुकी है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। व्यापारी वर्ग का कहना है कि यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो उनका विश्वास और सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगा।
पार्षद बेदराम साहू का महत्वपूर्ण बयान
इस मामले पर वार्ड पार्षद बेदराम साहू ने कहा कि यह स्थिति कई महीनों से बनी हुई है और इस पर कड़ी कार्रवाई की आवश्यकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि उरला बाजार में 112 पुलिस पेट्रोलिंग पॉइंट की स्थापना की जाए ताकि पुलिस की लगातार तैनाती से अपराधों पर अंकुश लगाया जा सके। उनका कहना था कि केवल इस तरह से ही उरला बाजार में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
व्यापारी वर्ग की सहमति और आगामी कदम
पार्षद साहू के सुझाव पर सभी सब्जी व्यापारी एकजुट हुए और उन्होंने फैसला किया कि अगले रविवार से फिर से उरला बाजार में अपनी दुकानें लगाई जाएंगी, बशर्ते पुलिस की सुरक्षा की व्यवस्था की जाए। इस मौके पर पार्षद बेदराम साहू, वार्ड क्र. 01 के पार्षद प्रतिनिधि पिकेश्वर बंदे जी और सैकड़ों सब्जी व्यापारी मौजूद थे।
उरला बाजार में लगातार बढ़ते अपराधों और असुरक्षित वातावरण के कारण आम नागरिकों में भी डर का माहौल बना हुआ है। यदि समय रहते पुलिस तैनाती की व्यवस्था नहीं की जाती है, तो उरला बाजार का अस्तित्व संकट में पड़ सकता है। व्यापारी वर्ग ने पुलिस प्रशासन से उम्मीद जताई है कि वे शीघ्र कार्रवाई करेंगे ताकि बाजार में व्यापार फिर से सुचारु रूप से चल सके।






