

छत्तीसगढ़ की “नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति” और “नियद नेल्ला नार” योजना से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण
सुकमा (कौशल संदुजा)
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में आज 2 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पित माओवादियों में एक महिला माओवादी भी शामिल है, जो एमएमसी जोन के विस्तार प्लाटून नंबर 2 की सदस्या रही है। जबकि दूसरे माओवादी ने केकेबीएन डिवीजन के प्लाटून नंबर 1 में सक्रिय रूप से कार्य किया है।


छत्तीसगढ़ सरकार की “नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति” और “नियद नेल्ला नार” योजना से प्रभावित होकर तथा पुलिस के बढ़ते प्रभाव के चलते इन माओवादियों ने आत्मसमर्पण करने का निर्णय लिया। सरकार द्वारा इन दोनों पर 2-2 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
आत्मसमर्पण की इस प्रक्रिया में सुकमा पुलिस और सीआरपीएफ की 241 वाहिनी की आसूचना शाखा का विशेष योगदान रहा। आत्मसमर्पण करने वाले दोनों माओवादियों को छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सहायता राशि और अन्य सुविधाएँ प्रदान की जाएंगी।
इस मौके पर पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज, श्री सुंदरराज पी., पुलिस उपमहानिरीक्षक दंतेवाड़ा, श्री कमलोचन कश्यप, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। आत्मसमर्पण के बाद दोनों माओवादियों को कपड़ा और 25-25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।






